कोरोना से बचाव के लिए कुष्ठ आश्रम को किया सेनेटाइज

पश्चिम चंपारण (TBN रिपोर्ट) | बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए, बिहार सरकार इस महामारी से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. कोरोना को हराने के प्रयास के इसी क्रम में पश्चिम चंपारण में हर तरफ साफ़ सफ़ाई और दवा छिड़काव किया जा रहा है.

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार भैरोगंज थाना क्षेत्र के कपरधिक्का स्थित कुष्ठ आश्रम  को बगहा अनुमंडल अस्पताल प्रबंधन की ओर से सेनेटाइज किया जा रहा है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा  यहां रहने वाले कुष्ठ रोगियों को कोरोना के लक्षणों और उससे सावधानी बरतने की हिदायत भी जा रही है. अस्पताल प्रबंधन की ओर कुष्ठ आश्रम में रह रहे परिवारों का स्क्रीनिंग भी कराया जा रहा है.

जिलाधिकारी कुंदन कुमार की ओर से अधिकारियों को यह बार-बार निर्देशित किया जा रहा था कि कुष्ठ आश्रम पर विशेष ध्यान और निगरानी रखी जाए. जिसके बाद से डी एम के निर्देशानुसार अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए बगहा एक प्रखंड के नड्डा पंचायत के कपरधिक्का स्थित कुष्ठ आश्रम को प्रति सप्ताह सेनेटाइज किया जा रहा है.

इस बारे में जानकारी देते हुए अस्पताल प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के आदेश पर कुष्ठ आश्रम को प्रति सप्ताह सेनेटाइज करते हुए लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है और ऐसा कोरोना संक्रमण का प्रभाव रहने तक लगातार चलता रहेगा, ताकि कोई भी कुष्ठ रोगी कोरोना संक्रमित नहीं हो सके.

बता दें  भैरोगंज थाना क्षेत्र के कपरधिक्का स्थित कुष्ठ आश्रम में कुल 35 परिवार रहते है. जिसके अंतर्गत 150 सदस्य हैं. कोरोना के चलते घोषित लॉकडाउन के बाद से भीख मांग कर गुजारा और पेट भरने वाले इन सभी कुष्ठ रोगियों का रोजगार ही छीन लिया है.

हालात यह है कि इनका भिक्षाटन पूरी तरह से बंद हो गया है. इस वजह से इनके खाने पीने पर भी संकट मंडराने लगा था. हालांकि कई सामाजिक संगठनों सहित जिला प्रशासन इनकी सहायता हेतु राशन पानी भी हर सप्ताह पहुंचाया जा रहा है. वहीँ नगर के विभिन्न मोहल्लों और इलाकों की सामाजिक संस्थाएं भी रोगियों को कुष्ठ आश्रम में जाकर भोजन और खाद्य सामग्री वितरित करती रहती हैं.