कांग्रेस ने राज्यपाल से की नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग

पटना / मुंगेर (TBN -The Bihar Now डेस्क) | शुक्रवार को कांग्रेस का प्रतिनिधि मण्डल ने राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर मुंगेर हिंसा पर बात की. प्रतिनिधि मण्डल ने राज्यपाल को वहां की घटना की पूरी जानकारी दी तथा बिहार के नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की.

प्रतिनिधि मण्डल ने राज्यपाल को बताया कि मुंगेर में मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस ने गोली चलाई थी जिसमें अनुराग नामक युवक की मौत हो गई थी. कांग्रेस ने राज्यपाल को सीआईएसएफ की रिपोर्ट के बारे में बताया जिसमें कहा गया है कि आक्रोशित भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने लोगों पर फायरिंग की. उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी की थी जिस पर पुलिस ने फायरिंग शुरू की. रिपोर्ट के मुताबिक, उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला किया जिसके बाद पुलिस बल को अपनी रक्षा में फायरिंग करनी पड़ी.

राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को तत्काल निलंबित करने की मांग की है. साथ ही हमने मारे गए व्यक्ति के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा की मांग करते हैं.

कांग्रेस ने कहा कि सीआईएसएफ की रिपोर्ट से साफ हो गया कि पुलिस ने ही भीड़ पर फायरिंग की थी न कि भीड़ में मौजूद लोगों ने गोली चलाई थी. इसी कारण से कांग्रेस ने राज्यपाल से बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की गई.

बता दें कि मुंगेर गोलीकांड के संदर्भ में वहां की तात्कालिक एसपी लिपि सिंह ने कहा था कि मूर्ति विसर्जन के दौरान भीड़ पर उपद्रवियों ने गोली चलाई जिससे एक युवक की मौत हो गई थी. वहीं मुंगेर से हटाए जाने से पहले डीएम राजेश मीणा ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा था कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान घटना के दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा था कि गोली चलाने का आदेश उन्होंने या एसपी ने नहीं दिया था. गौरतलब है कि इस प्रेस वार्ता में एसपी लिपि सिंह भी मौजूद थी.

लेकिन सीआईएसएफ की रिपोर्ट आने के बाद मुंगेर प्रशासन का वह दावा झूठा निकला जिसमें भीड़ की ओर से फायरिंग करने की बात कही गई थी.

इधर मृतक के परिवारवालों ने अब मामले में CBI जांच की मांग की है और मुंगेर की पूर्व एसपी लिपि सिंह के खिलाफ ‘हत्या का केस’ चलाए जाने की अपील की है. मृतक के पिता ने कहा, “लिपि सिंह पर बेटे की हत्या का केस चलाया जाए. मेरा अनुराग जिस समय जमीन पर गिरा हुआ था गोली लगी हुई थी, हमने खुद देखा था कि पुलिस बाटा चौक की तरफ आकर गोलिया चला रही थी. भीड़ पर फायरिंग हुई है. हम चाहते हैं कि लिपि सिंह पर बेटे की हत्या का केस चलाया जाए. उन्हें बर्खास्त किया जाए. वो तो स्टूडेंट था, भीड़ का हिस्सा नही था”.