खुले आसमान के नीचे क्वारंटाइन हैं ये, प्रशासन और घर दोनों ने किया इनकार

रून्नीसैदपुर (संजय कुमार पासवान की रिपोर्ट) | रून्नीसैदपुर के शिवनगर पंचायत की एक तस्वीर दिखा रहे हैं हम, जहां मुंबई से पैदल चलकर आये प्रवासी मज़दूरों को स्थानीय प्रशासन ने क्वारंटाइन करने से इनकार कर दिया. प्रशासन ने इन्हें होम क्वारंटाइन की नसीहत देकर छोड़ दिया.

एक ओर जहां इन्हें प्रशासन ने होम क्वारंटाइन में रहने को कहा वहीं दूसरी ओर इनके परिजनों ने इन्हें घर में रखने से इनकार कर दिया. इसके बाद ये सब लोग अपने गाँव के बग़ीचे में खुली आसमान के नीचे रहने को विवश हैं.

बावजूद इसके प्रशासन के कानों पर जुट नहीं रेंग रहा. प्रखंड विकास पदाधिकारी कहते हैं अंचलाधिकारी से बात कीजिए तो अंचलाधिकारी डीएम से बात करने को बोलते हैं. अर्थात सब एक-दूसरे पर फेंक रहे हैं, लेकिन मदद करने को कोई तैयार नहीं है.

इन मज़दूरों में महिलायें और बच्चे भी शामिल है और कड़ी धूप में रहने को विवश हैं. लेकिन इनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है. इतना ही नहीं स्थानीय सरपंच के द्वारा भी प्रशासन को आवेदन दिया गया. इसके बावजूद भी इन्हें कोई मदद नहीं मिली वहीं है.

अभी जिस जगह ये मज़दूर रहने को विवश हैं, वहाँ जंगली सुअर और नील गायों का आतंक है. लेकिन फिर भी ये सब डर के साये में रहने को मजबूर हैं. जब फ़ोन पर सीओ और बीडीओ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने एक दूसरे की ज़िम्मेदारी कह कर पल्ला झाड़ दिया. सीओ साहब ने तो डीएम से बात करने की नसीहत तक दे डाली, लेकिन कैमरा पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया.

इस बावत इन लोगों ने बिहार के डीजीपी को एक पत्र भी लिखा है.

https://youtu.be/PY1YxKHuDUU