हड़ताली नियोजित शिक्षकों को सरकार ने दिया होली गिफ्ट

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट)- बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने समान काम, समान वेतन के साथ सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी जो अब तक जारी है. शिक्षक अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान की मांग कर रहे हैं. हड़ताली नियोजित स्‍कूल शिक्षकों की मांगों को देखते हुए बिहार सरकार होली गिफ्ट के रूप में विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और लाभ देने की तैयारी कर रही है. शिक्षकों के वेतन में 20 फीसदी वृद्धि एवं कर्मचारी भविष्‍यनिधि के लाभ के साथ ही सरकार  उनको एच्छिक स्‍थानांतरण की सुविधा भी दे रही है.

गुरुवार को बिहार विधानसभा में शिक्षा विभाग के बजट अनुदान मांग पर चर्चा हुई जिसमे सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मौजूदगी में कहा कि “सरकार नियोजित शिक्षकों की विरोधी नहीं है. वे हड़ताल से वापस लौटें. सरकार ने नियोजित शिक्षकों के बारे में पहले भी सोचा है और आगे भी सोंचेगी. वर्तमान सेवा शर्तोंं के बारे में आगे क्या कर सकते हैं, इस पर विचार किया जाएगा”.

हड़ताली शिक्षक वेतनमान की मांग के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि “नियोजित शिक्षकों द्वारा ‘समान काम-समान वेतन’  की मांग की जा रही है. जबकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग के विरुद्ध अपना फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सरकार के लिए नियमन है. इसके बावजूद सरकार नियोजित शिक्षकों के किसी भी अधिकार का हनन नहीं कर रही है. वर्ष 2005 में शिक्षकों को चार से पांच हजार रुपए तक मिलते थे, अब 29000 रुपये से अधिक मिल रहे हैं. उन्हें राज्यकर्मियों को देय मंहगाई भत्ता, चिकित्सा भत्ता और वार्षिक भत्ता भी मिल रहा है. सातवें वेतनमान की अनुशंसा के तहत 2.5 फीसद की वेतनवृद्धि भी हुई है. इसलिए वे हड़ताल खत्म कर काम पर लौटें”.

ज्ञात हो राज्यभर के नियोजित शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इस दौरान प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई वाधित हो रही है. हड़ताली शिक्षकों की वेतनमान को छोड़ सभी मांगें सरकार के द्वारा मंजूर कर ली गयीं हैं लेकिन हड़ताली शिक्षक वेतनमान की मांग पर ही कायम हैं. हालाँकि राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति भीअब सरकार से आमने सामने बात करने के लिए राज़ी हो चुकी है.