बिहार बोर्ड की परीक्षा में नक़ल और धांधली पर लगेगी लगाम

 

भारत में कुछ राज्यों की छवि पर हमेशा से ही बोर्ड की परीक्षा प्रणाली में धांधली और धोखेबाजी के बदनुमा दाग लगते रहे हैं। बिहार भी उनमे से एक है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की परीक्षा प्रणाली के बारे में लोगों के मन में ये तस्वीर बन चुकी है कि यहाँ नक़ल और धांधली के द्वारा कोई भी परीक्षार्थी उत्तीर्ण कर सकता है। किसी भी राज्य के लिए इस तरह की सोच का प्रभाव उन योग्य परीक्षार्थियों के लिए बड़ा मानसिक कष्टदायक होता है जिन्होंने कड़े परिश्रम के साथ परीक्षा में उत्तीर्ण किया है। बिहार बोर्ड के बारे में लोग सोचते हैं यहाँ कोई भी नक़ल और किसी दूसरे की जगह परीक्षा देकर पास हो सकता है। बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार अब ऐसा करना असंभव होगा। इस तरह की धांधली की रोकथाम के लिए बीएसईबी अध्यक्ष ने कड़े कदम उठाये हैं।

बिहार बोर्ड की 10वीं की परीक्षा सोमवार दिनांक 17 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कुछ बदलाव भी किये गए हैं जैसे अब तक परीक्षार्थी की फोटो प्रवेश पत्र और वीक्षकों को दिए जाने वाली सूची में ही होती थी, परन्तु अब से ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका में भी परीक्षार्थी की फोटो होगी। इससे अब कोई भी किसी दूसरे की जगह पर परीक्षा देने में सफल नहीं हो पाएगा। इसके अलावा कॉपी भी मिस मैच नहीं होगी। नकल की रोकथाम के लिए हर परीक्षार्थी की अनिवार्य तौर पर दो बार जांच की जाएगी। नक़ल रोकने के लिए उड़ने दस्ते भी दो तरीके के बनाए गए हैं, जो कभी भी किसी परीक्षार्थी की जांच कर सकते हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने इस बार सख्ती दिखाते कहा है कि “जो भी नकल करते हुए पकड़ा गया उसे जेल भेज दिया जाएगा, वीक्षक पर भी कार्रवाई होगी। इंटरमीडिएट परीक्षा में भी इस बार यही तरीका अपनाया गया था, जो सफल रहा”।

बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार दिए गए अन्य दिशा निर्देश इस प्रकार हैं:-

प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी। इसके 10 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। इसी तरह द्वितीय पाली की परीक्षा 1:45 बजे शुरू होगी। इसके 10 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाना होगा, अन्यथा प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रवेश पत्र में फोटो की त्रुटि होने पर परीक्षार्थी को आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटोयुक्त पासबुक में से कोई एक दस्तावेज की फोटोकॉपी को प्रमाण के तौर पर अपने साथ ले जाना होगा। यही नहीं प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित होनी चाहिए। यह प्रमाण केंद्राधीक्षक को जाकर दिखाना होगा, तभी प्रवेश मिलेगा। यही नहीं 18 वर्ष से कम आयु वाले छात्रों के ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड को प्रमाण नहीं माना जाएगा। उत्तर पुस्तिका और ओएमआर शीट पर फोटो गलत होने पर परीक्षा से नहीं रोका जाएगा।

परीक्षार्थी इन बातों का रखें ध्यान
– परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी छात्र-छात्राओं की केंद्र के मुख्य द्वार पर जांच होगी। इसके बाद कमरे में प्रवेश से पहले वीक्षक भी जांच करेंगे।
– परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए चप्पल पहनकर जाएं। जूता-मोजा पहनकर जाना वर्जित है।
– परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के अंदर धारा-144 प्रभावी रहेगी, ऐसे में केंद्र के आसपास भीड़ में न खड़े हों।
– परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा होगा और हर 500 परीक्षार्थी पर एक-एक वीडियोग्राफर भी तैनात होगा।
– किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक आइटम जैसे-मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ईयर फोन, ब्लूटूथ आदि लेकर परीक्षा केंद्र पर न जाएं। अगर इनमें से एक भी सामान मिलता है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।
– इस बार प्रत्येक 25 अभ्यर्थी पर एक वीक्षक की व्यवस्था रहेगी। सभी वीक्षक यह घोषणा पत्र देंगे कि उनके अन्तर्गत सभी 25 अभ्यर्थियों की जांच कर ली गयी है तथा इन विद्यार्थियों के पास से कोई अवांछित वस्तु नहीं पायी गई है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की परीक्षा प्रणाली में किये गए बदलाव इस प्रकार हैं-

1- मैट्रिक की परीक्षा में पहली बार ओएमआर शीट पर परीक्षार्थी की फोटो रहेगी। इससे यह स्पष्ट है कि इस बार हर परीक्षार्थी का ओएमआर पहले से तय होगा। तस्वीर से मिलान कर ही शीट दी जाएगी।

2- इस बार उत्तर पुस्तिका में भी परीक्षार्थी की फोटो रहेगी। पहली बार है जब हर परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका पहले से तय होगी। वीक्षक फोटो से मिलान करेंगे तभी उत्तर पुस्तिका देंगे।

3- इस बार परीक्षा परिणाम के सटीक और तेजी से विश्लेषण के लिए नए सॉफ्टवेयर की सहायता ली जा रही है। समिति का दावा है कि ऐसा देश में पहली बार हो रहा है। इससे रिजल्ट भी जल्दी आएगा।

शिक्षक हड़ताल का परीक्षा पर असर नहीं पड़ेगा। वीक्षण कार्य के लिए जितने शिक्षक चाहिए, वो लगभग हैं। स्थायी और बिहार बोर्ड से अनुदानित संबद्ध इंटर स्कूल के शिक्षकों की सहायता ली जाएगी, कमी होने पर डीएम वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे।
-आनंद किशोर, अध्यक्ष, बीएसईबी