तेजस्वी यादव समेत 34 RJD विधायकों को लेनी पड़ी जमानत, जानिए पूरा मामला

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत 34 विधायकों ने जमानत ले ली है. इन लोगों के विरुद्ध 29 मई को पटना के सचिवालय थाना में केस संख्या 64/20 के तहत लॉकडाउन अधिनियम उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है. इसमें RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह समेत RJD के उन सभी 34 विधायकों पर आरोप लगा है, जिन्होंने गोपालगंज में हुए ट्रिपल मर्डर कांड के विरुद्ध गोपालगंज जाने को लेकर राबड़ी देवी के आवास के बाहर 29 मई को अपने अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ 4 घंटे से अधिक वक़्त तक जमकर हंगामा किया था और ऑन डियूटी पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी की थी.

राबड़ी आवास पर हुए ड्रामे का पूरा वाकया

दरअसल तेजस्वी यादव गोपालगंज में हुए ट्रिपल मर्डर केस से जुड़े इस हत्याकांड में आरोपी जदयू विधायक अमरेंद्र पांडेय की गिरफ्तारी की मांग लेकर अपने विधायकों के साथ पटना से गोपालगंज रवाना होने वाले थे. निर्धारित कार्यक्रम के तहत तेजस्वी यादव के आह्वान पर RJD विधायक एक एक कर पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर सुबह 8 बजे से जुटने शुरू हो गए थे. एक एक कर 34 विधायक अपने समर्थकों के साथ राबड़ी आवास आ गए थे. इस बीच तेजप्रताप यादव भी अपनी माँ राबड़ी देवी के आवास पहुंचे थे.

तेजस्वी ने किया लॉकडाउन का उल्लंघन

इसके बाद तेजस्वी यादव अपने विधायकों ने बैठक की थी मीटिंग में रणनीति बनी और तेजस्वी ने सभी विधायकों को अपनी अपनी गाड़ियों में बैठकर अपने पीछे गोपालगंज चलने का फ़रमान सुनाया था. सभी 34 के 34 विधायक अपने नेता के आदेश का अनुपालन करते हुए अपनी अपनी गाड़ी में बैठ भी गए थे. इस बीच 9.50 बजे तेजस्वी यादव प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के साथ गाड़ी में बैठ राबड़ी देवी के आवास से बाहर निकले ही थे तभी मौके पर भारी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तेजस्वी के काफिले को राबड़ी देवी के घर के बाहर ही रोक दिया था.

पुलिसकर्मियों से भिड़ंत

इस बीच RJD के 50 से 60 समर्थक तेजस्वी यादव तुम आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं का नारा लगाते हुए पुलिसकर्मियों से उलझ पड़े थे. देखते-देखते नोकझोंक काफ़ी तेज हो गई थी कई विधायक अपनी गाड़ी से निकल मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भिड़ गए थे. इसी बीच तेजप्रताप यादव अपनी गाड़ी में अपनी मां राबड़ी देवी को लेकर भीड़ को अलग-थलग करते एक बैरिकेटिंग को लांघने में कामयाब हो गए थे, लेकिन इसके बाद वो भी पुलिस के घेरे को नहीं भेद पाये थे.

4 घंटे तक पुलिस और विधायकों में हुई नोकझोंक

तकरीबन 4 घंटे तक पुलिस और RJD विधायकों के बीच रह रह कर नोकझोंक चलती रही थी. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मौके पर मौजूद विशेष कार्य दंडाधिकारी नवीन मोहन प्रसाद से गोपालगंज के जगह विधानसभा जाकर विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर अपनी बातों को रखने के लिए जाने देने की बात कही थी. विशेष कार्य दंडाधिकारी नवीन मोहन प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष की बातों को विधानसभा अध्यक्ष के कार्यलय तक पहुंचाया था. विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी ने फौरन तेजस्वी को विधानसभा कार्यलय आने को कहा था. इसके बाद फिर तेजस्वी यादव अपने प्रदेश अध्यक्ष के अलावा 8 विधायक समेत विधानसभा पहुंचे थे और अपनी बातों और मांगों से विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी को अवगत भी कराया था.

29 मई को सचिवालय थाना में दर्ज हुआ मामला

विधानसभा अध्यक्ष से मिलने के बाद तेजस्वी यादव वापस अपनी मां राबड़ी देवी के घर आ गए थे, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लॉकडाउन और जो सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती रहीं थी. इसी को लेकर मौके पर मौजूद विशेष कार्य दंडाधिकारी नवीन मोहन प्रसाद ने 29 मई को ही देर शाम एक लिखित शिक़ायत सचिवालय थाना के SHO के समीप दे दी थी. जिसपर कार्रवाई करते हुए सचिवालय थानाध्यक्ष ने RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के अलावा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, विधायक तेजप्रताप यादव, भोला यादव समेत कुल 34 विधायकों के खिलाफ लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग अवहेलना ACT के तहत 29 मई 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था.

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