भटके तेंदुए को पकड़ वापस टाइगर रिजर्व में छोड़ा

गिरफ्त में तेंदुआ

धंगडहिया/गोनौली/रामनगर (TBN रिपोर्टर) | बगहा में सूबे के इकलौते वाल्मीकि टाईगर रिजर्व जंगल से भटके तेंदुआ का आतंक बदस्तूर जारी है. पिछले महीने से तेंदुआ लगातार कई इलाकों में लोगों के जान माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

ताज़ा मामला वाल्मिकीनगर थाना क्षेत्र के गोनौली वन क्षेत्र के धंगडहिया गांव का है जहां तेंदुआ एक ग्रामीण के घर में मेमनों का शिकार करने अहले सुबह घुस गया. कोरांटाइन सेंटर से घर लौटे दो प्रवासी मजदूर तेंदुआ हमले में बुरी तरह ज़ख्मी हो गए.

बताया जा रहा है कि जंगल से भटके तेंदुआ एक घर में घुसकर डेरा डाले हुए था. खाना बनाने के दौरान किशोर उरांव और बृजकिशोर उरांव की नज़र उसपर पड़ गई. इस पर उस तेंदुए ने एकाएक दोनों पर हमला बोल दिया जिसमें दोनों बुरी तरह ज़ख्मी हो गए. तेंदुए ने दो बकरों को भी अपना शिकार बना डाला.

तेंदुआ के हमले में घायल प्रवासी मजदूर

जिला परिषद के मोतीलाल साह और एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि क्वॉरन्टीन सेंटर से मंगलवार को घर लौटे बृजकिशोर उरांव और किशोर उरांव को तेंदुआ ने जख्मी किया. वे क्वॉरन्टीन सेंटर से 14 दिन पूरा कर मंगलवार की रात घर पहुंचे थे.

जंगल से भटके तेंदुआ के हमले में ज़ख्मी दोनों को अन्य ग्रामीणों की सहयोग से इलाज़ के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. इधर घटना की जानकारी मिलने पर मौक़े पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुआ का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया.

वन विभाग की टीम ने 7 घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइजर का इस्तेमाल कर उस तेंदुए को पकड़ लिया और फिर उसे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की जंगलों मे छोड़ दिया.

आपको बताएं कि लॉक डाउन के दरम्यान रिहायशी इलाके में तेंदुआ घुसने की यह पांचवीं घटना है जब वाल्मीकि टाईगर रिजर्व से भटके तेंदुए ने लोगों के जान माल को नुकसान पहुंचाया है.

मौक़े पर मौजूद डीएफओ गौरव ओझा मीडियाकर्मियों से बचते हुए रेस्क्यू कर तेंदुए के साथ गाड़ी में सवार होकर निकल लिए. इधर स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों के चहलकदमी और प्रवेश पर रोक लगाने की मांग कीं है.