बिहार में भी भारत बंद का असर; ट्रेनें रोकी, सडकों पर हंगामा

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट)- सुप्रीम कोर्ट के द्वारा प्रमोशन में एससी-एसटी ओबीसी आरक्षण को समाप्त करने के फैसले के विरोध में भीम आर्मी ने आज रविवार को भारत बंद की घोषणा की थी. भारत बंद को बिहार में महागठबंधन की ओर से समर्थन दिया गया. इसके बाद  महागठबंधन में शामिल राष्‍ट्रीय जनता दल, राष्‍ट्रीय लोकसमता पार्टी, हिंदुस्‍तानी आवाम मोर्चा व विकासशील इंसान पार्टी के आलावा जाप की ओर से पप्‍पू यादव समेत सभी राजनीतिक पार्टियों ने बिहार में भी भारत बंद का समर्थन किया. आज भारत बंद का असर बिहार में कई जगह देखने को मिला और विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के समर्थकों के द्वारा हंगामा किया गया और ट्रेनें रोकी गयीं.

भारत बंद के दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे पर हिंदुस्‍तानी आवाम मोर्चा व विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी अपने समर्थकों की भारी भीड़ के साथ पहुंच गए. जिसके बाद उनके समर्थकों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. डाकबंगला चौराहे पर जीतनराम मांझी के साथ भीम आर्मी के अमर आजाद भी धरने पर बैठ गए. धरना प्रदर्शन और हंगामे को देखते हुए डाकबंगला चौराहे पर काफी संख्‍या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है.

राजधानी पटना में पप्‍पू यादव की पार्टी के समर्थकों ने सड़क पर उतरकर हंगामा खड़ा कर दिया और वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी. भीम आर्मी के समर्थकों के द्वारा सिवान के सराय मोड़ पर मार्ग को जाम कर दिया गया. जहानाबाद के निकट अरवल मे भारत बंद के समर्थन में भीम आर्मी के समर्थकों ने  शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया. सहरसा में वीर कुंवर सिंह चौक के पास भारत बंद समर्थकों ने सड़क पर उतर कर यातायात वाधित किया. इसके साथ ही नवादा जिले के पकरीबरावां में बंद समर्थकों ने सड़क पर हंगामा किया और वारिसलीगंज मोड़ को भी जाम कर दिया. लखीसराय में भी समर्थको ने सड़कों पर उत्पात मचाया. बेगूसराय में भारत बंद समर्थकों ने पावर हाउस चौक के नजदीक नेशनल हाइवे रोक दिया जिससे वाहनों की लम्बी कतारें लग जाने से यातायात वाधित हो गया.

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने ओबीसी, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं से भी भारत बंद का समर्थन करने की अपील की है. चंद्रशेखर आजाद ने चेतावनी देते हुए कहा है कि “पिछड़े और दलित वर्ग के सांसदों-विधायकों ने अगर समर्थन नहीं दिया तो उनके घरों के सामने भी प्रदर्शन होगा”. आजाद ने केंद्र सरकार को भी खुली चेतावनी देकर कहा कि “केंद्र की बीजेपी सरकार आरक्षण छीनने की कोशिश कर रही है. अगर केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण पर दिए फैसले को नहीं पलटा तो उसी तरह का प्रदर्शन होगा जैसे एससी-एसटी एक्ट को लेकर पूर्व में आए फैसले के खिलाफ इससे पहले हो चुका है”.