फरार नक्सली सहित तीन अपराधी गिरफ्तार, बना रहे थे डकैती की योजना

बांका / मुंगेर (अभिषेक कुमार सिन्हा – The Bihar Now रिपोर्ट) | मुंगेर पुलिस ने फरार नक्सली पप्पू यादव को गिरफ्तार किया है. मुंगेर एसपी लिपि सिंह के निर्देश पर की गई कार्यवाई में पप्पू यादव के साथ दो और अपराधी गिरफ्तार किये गए हैं. ये सभी गिरफ्तार अपराधी बांका के बेलहर में एक व्यापारी के घर डकैती डालने की योजना बना रहे थे. उनकी गिरफ़्तारी से एक बड़ी वारदात होने से टल गई.

एसपी ने बताया कि संग्रामपुर नहर के पास कुछ अपराधियों के जमावड़े की सूचना मिली थी. इसके बाद तारापुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया. इस टीम ने संग्रामपुर नहर के पास छापामारी के दौरान पप्पू यादव, चंदन कुमार भगत और
श्याम सुंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने पप्पू यादव के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल और 3 गोलियां, चंदन भगत के पास से एक देसी कट्टा एक गोली और श्याम सुंदर प्रसाद सिंह के पास से एक देसी कट्टा और दो गोलियां बरामद की गईं. पुलिस ने एक बाइक को भी जब्त किया. पुलिस को देखकर कुछ अपराधी दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से भाग निकले.

पुलिस की पूछताछ में चंदन भगत द्वारा अवैध तरीके से हथियार बनाए जाने की सूचना मिली. चंदन भगत के दरियापुर स्थित आवास पर अवैध तरीके से हथियार बनाए जाने की जानकारी मिलने के बाद वहां भी छापामारी की गई. छापामारी में हथियार बनाने के कुछ उपकरण भी बरामद किए गए हैं. घर में तहखाना बनाकर हथियार बनाए जा रहे थे. संग्रामपुर थाना द्वारा गिरफ्तार तीनों अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

गिरफ्तार नक्सली पप्पू यादव डकैती की घटनाओं में भी रहा है शामिल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार पप्पू यादव नक्सली गतिविधियों में भी शामिल रहा है. पूर्व में जेल जाने के दौरान बहादुर कोड़ा से उसकी मित्रता हुई थी और उसके संपर्क में आने के बाद वह भी माओवादी संगठन में शामिल हो गया था. नक्सली घटनाओं में शामिल रहने के अलावा वह आपराधिक वारदातों में भी शामिल रहा था.

मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि गिरफ्तार पप्पू यादव पर जमुई के लक्ष्मीपुर थाना और मुंगेर जिला के खड़गपुर थाना में नक्सली वारदात को अंजाम देने की प्राथमिकी दर्ज थी. जमुई के लक्ष्मीपुर थाना में पिछले साल 15 नवंबर को इसके खिलाफ दर्ज की गई थी. वहीं, बीते 10 अगस्त को एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ की घटना का भी यह प्राथमिकी नामजद अभियुक्त है. बांका के बेलहर में भी इसने कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था.

इस साल बांका के बेलहर में सड़क डकैती की दो वारदातों को इसने अंजाम दिया था. इस बार भी यह बेलहर में ही कि एक कारोबारी के यहां डकैती डालने की मंशा से अपने साथियों के साथ जुटा था लेकिन पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में इसकी योजना विफल हो गई.

गिरफ्तार अपराधी पप्पू यादव के खिलाफ दस से अधिक मामले दर्ज हैं. नक्सली घटनाओं के अलावा हत्या, लूट, डकैती के मामलों में यह फरार था. पूछताछ में इसमें माओवादी गतिविधियों में शामिल रहने की बात स्वीकार की और कहा है कि 2016 में जब यह जेल गया था तब इसका संपर्क बहादुर कोड़ा एवं दूसरे नक्सलियों से हुआ था और जेल से बाहर आने के बाद जमुई-खड़गपुर एरिया में माओवादी वारदातों में शामिल रहा. बांका के बेलहर में अधिकलाल यादव की हत्या में इसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. बांका के बेलहर थाना क्षेत्र में इसने मुर्गा लदी दो गाड़ियों को भी लूट लिया.

चंदन भगत हथियार सप्लायर, बैंक चोरी में भी शामिल

पुलिस द्वारा गिरफ्तार चंदन भगत का भी आपराधिक इतिहास रहा है. कई साल पहले इसने टेटियाबंबर इलाके में बैंक चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. अपने घर पर ही यह मिनी गन फैक्ट्री का संचालन करता है. घर के किचन में तहखाना बनाकर अवैध तरीके से हथियार बनाता है. गिरफ्तार चन्दन भगत मुंगेर-बांका के अपराधियों के अलावा माओवादी संगठन को भी समय-समय पर हथियार की आपूर्ति करता है तथा उनके हथियारों की मरम्मत भी कराता है.

संग्रामपुर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार चंदन भगत से पूछताछ में इसके द्वारा अवैध हथियार फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली. पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने तत्काल गंगटा और खडगपुर थानाध्यक्षों को छापामारी का निर्देश दिया. गंगटा थाना के दरियापुर गांव में चंदन भगत के घर पर छापामारी कर मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया. गंगटा थाना में इसके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं.

मुंगेर और बांका का सिर दर्द पप्पू यादव की गिरफ्तारी बड़ी सफलता

गिरफ्तार पप्पू यादव मुंगेर और बांका जिलों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. मुंगेर से ज्यादा बांका पुलिस को इसकी तलाश थी. जमुई जिला में भी पुलिस इसकी तलाश कर रही थी. एसटीएफ ने भी कई बार इसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की थी. बांका, जमुई और खड़गपुर क्षेत्र में माओवादी संगठन के लिए सूचना संकलन, हथियारों की व्यवस्था तथा लेवी वसूलने में इसकी बड़ी भूमिका रहती थी.

टारगेट को चिन्हित कर उसको डरा धमका कर लेवी वसूलना इसका मुख्य कार्य था. इसके अलावा यह कॉन्ट्रैक्ट किलर का भी काम करता था. बालू के अवैध कारोबार में भी इसने पाँव पसारा था. पप्पू यादव की गिरफ्तारी मुंगेर पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है तथा इसकी गिरफ्तारी से आपराधिक गतिविधियों और अवैध बालू खनन में कमी आएगी, साथ ही माओवादी संगठन को भी एक झटका लगा है.