दिल्ली की हार के बाद भाजपा की बिहार पर नज़र

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) धुआंधार चुनावी प्रचार के बाद भी दिल्ली की सत्ता पर कब्ज़ा करने में असफल रही। भाजपा ने दिल्ली के चुनावी मैदान में प्रचार के लिए अपने सभी दिग्गजों का सहारा लिया था लेकिन इसके बावजूद भी भाजपा १० सीटें पाने में नाकामयाब रही। भाजपा ने प्रचार के लिए पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह,पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा एवं सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ साथ कलाकारों का भी जमावड़ा लगाया था जिनमे मशहूर डांसर सपना चौधरी भी चुनावी प्रचार में शामिल हुईं थीं। दिल्ली में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों का एक बहुत बड़ा वर्ग रहता है। भाजपा की नज़र उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की वोट बैंक पर थी। इसको ध्यान में रखकर जनता को लुभाने के लिए भाजपा ने भोजपुरी सिनेमा के अभिनेता गायक और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार दिनेश लाल यादव (निरहुआ), सुपरस्टार और भाजपा सांसद रवि किशन और अभिनेत्री स्वीटी छाबड़ा के द्वारा पूरे जोर शोर से प्रचार करवाया था।

भाजपा के लिए दिल्ली के चुनावी परिणाम चिंताजनक विषय है। भाजपा ने दिल्ली के चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़े जबकि जनता को लुभाने के लिए केजरीवाल ने लोकल मुद्दों को उठाया जैसे बिजली फ्री, पानी फ्री, महिलाओं की बस में यात्रा फ्री, तीर्थ यात्रा फ्री, शिक्षा के स्तर में सुधार, स्वास्थ्य सेवा में सुधार एवं मोहल्ला क्लिनिक जैसे दैनिक जरूरतों की चीज़ों पर ज्यादा ध्यान दिया। जिसका परिणाम सबके सामने है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को भारी मतों से विजय मिली। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में आ गयी और भाजपा का दिल्ली की सत्ता पर शासन का सपना चकनाचूर हो गया।

दिल्ली में हुए चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) को ६२ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ८ सीटें ही मिली। शेष अन्य पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पायीं। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ विपक्षी दल ये दावा करने में लगे हैं कि दिल्ली की हार का असर बिहार के चुनावों पर अवश्य पड़ेगा। इस पर भाजपा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बिहार में वह फिर से सत्ता हासिल करेगी। बिहार में फिलहाल बीजेपी नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के साथ सत्ता में शासन कर रही है।