मोदी कैबिनेट ने पास किये दो क्रांतिकारी बिल, मौजूदा संसद सत्र में होंगे पेश

नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क)| अपने आप में क्रांतिकारी माने जा रहे दो बड़े सुधारों से जुड़े विधेयकों को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंजूरी दे दी. संसद के इसी सत्र में इन दोनों सुधारों से जुड़े विधेयकों को पेश किया जा सकता है.

पहला बड़ा सुधार है – लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र को बढ़ाना (minimum eligible marriage age for girl). कैबिनेट ने लड़के व लड़कियों की शादी की उम्र एक समान यानी 21 वर्ष करने से सम्बंधित विधयेक को मंजूरी दे दी है. इस विधयेक के संसद में पास होने के बाद देश के सभी धर्मों व वर्गों में लड़कियां 21 वर्ष में शादी कर सकेंगी. वर्तमान में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है.

वोटर कार्ड जुड़ेगा आधार कार्ड से

दूसरा बड़ा सुधार चुनाव से संबंधित है जिसके अनुसार, सभी वोटरों के वोटर कार्ड उनके आधार कार्ड से जुड़ जाएंगे. फिलहाल इसे ऐच्छिक बनाया जाएगा. इसके साथ ही अगले साल से नए वोटरों को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए एक साल में चार बार मौका दिया जाएगा.

बता दें, अभी एक जनवरी या उससे पहले 18 वर्ष के होने वालों को मतदाता के रूप में पंजीकरण की अनुमति दी जाती है. इस कारण बहुत से नए योग्य वोटर अपना नाम वोटर लिस्ट में रजिस्टर नहीं करवा पाते थे.

यह भी पढ़ें| मार्च 2025 तक हर घर में स्मार्ट प्री-पेड मीटर – नीतीश

उदाहरणस्वरूप, यदि कोई युवा 2 जनवरी को 18 वर्ष पूरा करता था तो उसे वोटर लिस्ट में नाम रजिस्टर करवाने के लिए अगले साल का इंतजार करना पड़ता था. लेकिन नए विधेयक के अनुसार अब उन्हें इसके लिए साल में 4 मौके दिए जाएंगे. बता दें, चुनाव आयोग भी इस बात की अपनी वकालत करता रहा है.

बताते चले, प्रधानमंत्री मोदी ने 2020 में लाल किले से अपने संबोधन के दौरान लड़कियों और लड़कों की शादी की न्यूनतम उम्र एक समान किए जाने की घोषणा की थी.