बोधगया: पहले लॉकडाउन के बाद से आवारा कुत्तों को खाना खिलाती यह तिब्बती नन

बोधगया (TBN – The Bihar Now डेस्क)| एक 52 वर्षीय बौद्ध नन कोरोना महामारी के कारण 2020 में लगे पहले लॉकडाउन के बाद से सौ से अधिक आवारा कुत्तों को खाना खिला (Tibetan nun feeds stray dogs in Bodh Gaya since first nationwide COVID lockdown) रही है. वह दो साल पहले बोधगया (Bodh Gaya) पहुंची थी.

तिब्बत की नन ग्यांग ल्हामो (Gyang Lhamo) दो साल पहले भगवान बुद्ध के दर्शन करने बोधगया पहुंची थीं. जब वह बोधगया के अपने दौरे पर थीं, तब देशव्यापी तालाबंदी की घोषणा की गई थी. उसके पास बोधगया शहर में रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.

ग्यांग लम्हो ने वहां देखा कि आवारा कुत्ते को खाना नहीं मिल पा रहा था और वे खाना के लिए सड़कों पर इधर-उधर घूम रहे थे.

ग्यांग लम्हो ने बताया, “मैं पहले लॉकडाउन के बाद से गया में हूं. एक बार जब मैं बुद्ध मंदिर के बाहर घूम रही थी, तो मैंने देखा कि आवारा कुत्ते रो रहे हैं, क्योंकि उन्हें कोई भोजन नहीं मिल रहा था. मुझे उन पर दया आई और मैंने उन्हें खिलाने का फैसला किया. अब मैं करीब दो साल से कुत्तों को खाना खिला रही हूं.”

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ल्हामो ने आगे कहा, “मैं आमतौर पर उन्हें सुबह रोटी और दूध और शाम को बिस्कुट खिलाती हूं.”

इसके साथ ही वह बोधगया में गरीब बच्चों को भी पढ़ाती हैं. ल्हामो ने कहा, “मैं बच्चों को पढ़ाती भी हूं और इसी मकसद से मैंने 1500 रुपए के वेतन पर एक शिक्षक की नियुक्ति की है. मैं बच्चों को बेहतर शिक्षा और बेहतर भविष्य देना चाहती हूँ.”