बाढ़: साल के अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट)| हमारे सामाजिक परिवेश में लोग कई प्रकार से पीड़ित हैं. उनके सामने कई तरह की समस्याएं आती रहती है. कई समस्याएं ऐसी होती हैं जिसे लोक अदालत के माध्यम से निपटारा जाता है. इसी कड़ी में शनिवार 11 दिसंबर 2021 को राज्य के विभिन्न न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन (Lok Adalat Organized In Bihar) किया गया.

शनिवार को बाढ़ न्यायालय परिसर में इस साल का अंतिम व तीसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन (National Lok Adalat Organized In Civil Court, Barh) किया गया. इस अदालत के दौरान कई मुद्दों का निपटारा किया गया.

बाढ़ सिविल कोर्ट में शनिवार को लगे राष्ट्रीय लोक अदालत में 450 से अधिक मुकदमों का निपटारा किया गया. करीब 700 लोगों को नोटिस देकर इस लोक अदालत में शामिल होने का निर्देश दिया गया था.

इसका उद्घाटन एडीजे प्रथम, राजकुमार राजपूत ने उद्घाटन किया. अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत तथा ग्राम कचहरी के बारे में पूरे विस्तार से बताया.

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उन्होंने मौके पर उपस्थित पक्षकारों से इस लोक अदालत का पूरा फायदा उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि लोक अदालत के दौरान किसी को कोई भी दिक्कत आए तो वे वहां उपस्थित न्यायिक अधिकारी से मिल कर अपनी बात रख सकते हैं.

उन्होंने बताया कि इस साल बाढ़ न्यायालय परिसर में आयोजित पहले दो राष्ट्रीय लोक अदालतों में अपार सफलता मिली थी. इसमें बाढ़ की जनता का काफी सहयोग था. उन्होंने गांव के लोगों से अपील की कि वे अपने गांवों के ग्राम कचहरी का भी फायदा उठायें. उन्होंने कहा कि यदि ग्राम कचहरी से उनकी समस्या दूर न हों, तब वो न्यायालय का रुख करें.

एडीजे प्रथम ने कहा कि न्यायालय में कोई भी न्यायिक अधिकारी बिना दवाब डाले पक्षकारों को मात्र यह बताता है कि यदि वह चाहे तो आपसी रजामंदी से अपने विवाद को खत्म कर सकता है. उन्होंने बाढ़ की जनता, बाढ़ अधिवक्ता एसोसिएशन के सदस्यों, अधिवक्तगण का आभार प्रकट किया.

बताते चलें, आज के इस राष्ट्रीय लोक अदालत में संधि योग्य लघु आपराधिक मामले, बैंक ऋण, विद्युत से संबंधित, वाहन दुर्घटना बीमा, माप-तौल, श्रम वाद, नीलामपत्र वाद समेत पारिवारिक मामले इत्यादि और उपभोक्ता फोरम से जुड़े मामले विचार विनिमय, समायोजन एवं सुलह के आधार पर निष्पादित किए गए.