मुख्यमंत्री ने मामले को बताया बर्दाश्त से बाहर, दिए जांच के आदेश

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार विधानमण्डल के शीतकालीन सत्र (Winter Session of Bihar Assembly) के दूसरे दिन मंगलवार को विधानसभा परिसर (Bihar Assembly Campus) में शराब की खाली बोतलें मिलने के बाद राजनीति गरमाई हुई है. एक तरफ जहां सत्ता पक्ष फिलहाल कुछ कहने में हिचकिचा रहा है वहीं ओर तरफ विपक्ष ने हमला बोल रखा है. मुख्यमंत्री ने सदन में इस मामले को बर्दाश्त से बाहर बताते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.

बता दें, सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री के चैम्बर से कुछ ही दूर शराब की खाली बोतलें बरामद की गई थी. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते इसे सरकार के असली कामकाज का नतीजा बताया. तेजस्वी ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा शराब की बोतलों की बरामदगी राज्य में शराबबंदी कानून की पोल खोलता है.

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने सदन में इस मामले को बर्दाश्त से बाहर बताया और अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए.

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बिहार के चीफ सेक्रेटरी त्रिपुरारी शरण (Tripurari Sharan) और डीजीपी एसके सिंघल (DGP SK Singhal) ने शराब बरामदगी स्थल की जांच की.

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मीडिया से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि शराब की खाली बोतल मिलने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि बरामदगी स्थल के पास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है. डीजीपी ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

डीजीपी ने मीडिया को बताया कि बरामद बोतलों को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद मामला साफ होने की उम्मीद है. अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी.

वहीं, इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी त्रिपुरारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया में मामला किसी मकसद की तरफ इशारा कर रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद किसी ने बोतल रखने का काम किया होगा.

मीडिया द्वारा इसे ‘सुरक्षा में चूक’ के सवाल पर चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि इस चूक कहना उचित नहीं होगा क्योंकि बोतल कोई जीवित प्राणी नहीं है. उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने भी कहा कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा.