पटना हाई कोर्ट में वकीलों को मिली “शताब्दी भवन” की सौगात

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | शनिवार को पटना उच्च न्यायालय परिसर में वकीलों को नए तीन मंजिला बिल्डिंग ‘शताब्दी भवन’ की सौगात मिली. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया. उद्घाटन के इस मौके पर पटना उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस संजय करोल तथा हाईकोर्ट के अन्य जज भी शामिल थे. दो वर्षों में बनकर तैयार होने वाले इस बिल्डिंग के निर्माण में लगभग दस करोड़ रुपए की लागत आई है.

एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने इस बिल्डिंग के उदघाटन पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि इस भवन के बन जाने से वकीलों की समस्यायों का काफी हद तक समाधान हो जाएगा. योगेश ने बताया कि इस भवन के बन जाने से वकीलों का सपना पूरा हुआ है जो करीब 20 वर्षों के कठिन प्रयास से संभव हो पाया है.

बिल्डिंग को लेकर अधिवक्ता संघों में हुआ था विवाद

ज्ञातव्य है कि इस बिल्डिंग को लेकर अधिवक्ता संघों में काफी विवाद हुआ था. दरअसल, पटना हाईकोर्ट में वकीलों के तीन एसोसिएशन हैं – एडवोकेट एसोसिएशन, बैरिस्टर एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन. इसमें सबसे बड़े संघ एडवोकेट एसोसिएशन द्वारा इस ‘शताब्दी भवन’ में अपने सदस्यों के लिए ज्यादा जगह की मांग की जा रही थी. लेकिन इस ‘शताब्दी भवन’ के लिए बनी नई कमिटी के अनुसार इस तीन मंजिलें भवन में तीनों संघों के लिए एक-एक फ्लोर होना चाहिए.

उधर एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा अन्य पदाधिकारियों ने अपने संकल्प में कहा था कि को-ऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक को बुलाने का अधिकार सिर्फ इसके अध्यक्ष व समन्वयक को ही है. लिहाजा, नई कमिटी या इसकी बैठक में लिए गए फैसले पूरी तरह अवैध हैं. लेकिन, नई कमेटी के अध्यक्ष व समन्वयक का कहना है कि उनके कार्यकलाप पूरी तरह सही हैं.

इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) पंच की भूमिका में आया था. बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सबको सलाह दी थी कि कोरोना संकट काल मे जब वर्चुअल कोर्ट चल रहा हो, तब शताब्दी बिल्डिंग पर दखल या हिस्सा जैसी बातें व्यावहारिक नहीं हैं.

उद्घाटन समारोह में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा और बिहार सरकार के महाधिवक्ता ललित किशोर भी मौजूद थे. साथ ही पटना हाईकोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के अध्यक्ष व महासचिव इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे.

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