मजदूरों के भूखों मरने की नौबत आ गई है – राजद

पटना (TBN रिपोर्ट) | लॉकडाउन में बिहार के बाहर अन्य राज्यों में फंसे लोगों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता सह विधायक डॉक्टर रामानुज प्रसाद एवं राजद के प्रदेश महासचिव भाई अरुण कुमार ने कहा कि लॉक डाउन के 40 दिन गुजर जाने के कारण जहां-तहां फंसे मजदूरों के पास कुछ नहीं रहने के कारण भूखों मरने की नौबत आ गई है.

उन्होंने कहा मजदूरों के हाथ में काम नहीं होने के कारण लोग अपने-अपने घरों की ओर जाना चाह रहे हैं. परंतु केंद्र सरकार के द्वारा इन मजदूरों के प्रति कोई एक्शन प्लान नहीं होने के कारण यह मजदूर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर हजार हजार किलोमीटर दूर अपने घर की ओर पैदल ही चल दिए. जिसके कारण रास्ते में कई मौतें प्रतिदिन हो रही है.

गर्भवती महिलाएं भी पैदल यात्रा में शामिल है. जिस इलाके से यह गुजर रहे हैं उस इलाके की पुलिस इन्हें आगे नहीं बढ़ने दे रही है जिसके कारण डर कर यह लोग रेलवे लाइन की ओर चलकर सफर कर रहे हैं यही कारण है कि कई मजदूर मालगाड़ी से कट गए और असमय मृत्यु को प्राप्त कर गए कई लोग रास्ते में भूख से मर रहे हैं परंतु इन मजदूरों का सुध लेने वाला कोई नहीं है.

आगे उन्होंने कहा देश की प्रगति में मजदूरों का बहुत बड़ा हाथ होता है परंतु इनके प्रगति में सरकार मैनेजमेंट जो उदासी दिखा रही है वह बड़ा ही चिंता का विषय है केंद्र और राज्य दोनों जगह की सरकारें इन मजदूरों की जरूरतों के प्रति उदासीन है यहां तक कि क्वारंटाइन जिन मजदूरों को किया जा रहा है उन्हें बेहतर ढंग से ना खाना दिया जा रहा है ना पानी पीने को दिया जा रहा है यहां तक कि उनकी व्यवस्था को देखने के लिए किसी पत्रकार को भी जाने नहीं दिया जा रहा यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है.

जहां तक बिहार सरकार की बात है तो अपनी नाक बचाने के लिए नीतीश ने घोषणा तो कर दी है पर अमल ठीक ढंग से नहीं हो रहा और तो और झूठी वाहवाही लेने में भी पीछे नहीं हट रहे. नीतीश एवं उनके पार्टी के लोगों को चाहिए की झूठी वाहवाही लेने के बजाय मजदूरों के हितों में काम करें परंतु केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें एक दूसरे पर दोषारोपण मढ अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ना चाह रही है.

जबकि हमारा देश राज्यों के समूह का देश है. जिसमें राज्य एवं केंद्र सरकार मिलकर जन समस्याओं का निदान करती है परंतु ऐसा हो नहीं रहा है ऐसा देखा जा रहा है कि सरकारों से ज्यादा विपक्षी दल के लोग इस महामारी में लोगों को सहयोग कर रहे हैं और उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए रात-दिन एक किए हुए हैं. इन नेताओं ने विपक्षी दल के तमाम नेताओं को इस विकट परिस्थिति में मजदूरों गरीबों छात्रों एवं बाहर फंसे हुए लोगों के लिए जो सहायता की है एवं उनके सहायतार्थ जो आवाज उठाई है वह बधाई के पात्र हैं.