रूडी और शाहनवाज़ नहीं बने BJP के स्टार प्रचारक, आखिर क्यों

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार विस चुनाव का ऐलान होने के बाद सभी राजनैतिक पार्टियों ने अपनी अपनी रणनीति बना ली है. पिछले हफ्ते ही भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारक के नामों का ऐलान कर दिया था. जिसमें से बिहार के दो कद्दावर नेता के भी नाम शामिल थे. बीजेपी ने जो अपने स्टार प्रचारक के नाम जारी किये थे उनमे पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी और बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन का भी नाम था. लेकिन रविवार को जारी स्टार प्रचारक के लिस्ट से इन दोनों नेताओं को ड्रॉप कर दिया गया है.

बीजेपी द्वारा जारी किए गए नये स्टार प्रचारकों की सूची में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है. लेकिन बिहार के इन दो कद्दावर नेताओं को जगह नहीं मिली है. बीजेपी की सूची से राजीव प्रताप रूडी और शाहनवाज हुसैन का शामिल नहीं करने के पार्टी नेतृत्व के फैसले काफी चौंकाने वाले हैं. इन नेताओं ने भी इस पर अंदर ही अंदर दुःख प्रकट किया है. इस पर बिहार बीजेपी की तरफ से जो सफाई आई है वो और भी हास्यास्पद है.

बिहार बीजेपी के ऑफिसियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट कर मीडिया को ही निशाना बनाया गया है. बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि मीडिया में शाहनवाज़ हुसैन और राजीव प्रताप रूडी का नाम स्टार प्रचारकों की सूची में नहीं होने की खबरें है. स्टार प्रचारक की सूची चुनाव के चरण और कार्यक्रम के हिसाब से अपडेट होती है. ऐसे में बिना जाने- समझे ऐसी भ्रामक ख़बरों से बचना चाहिए.

इन दो वरिष्ठ नेताओं को स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल नहीं किये जाने पर बढ़ते विवाद को लेकर बीजेपी सामने आई है और मीडिया को ही इसके लिए जिम्मेदार बता दिया है. हालांकि रूड़ी ने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा था कि पार्टी में अब विधायक इतना भी वैल्यू नहीं हैं.

उधर पार्टी नेताओं का कहना है कि यह अभी तक की फीडबैक के आधार पर किया गया है. उनके अनुसार राजपूत बहुल इलाक़े से योगी आदित्यनाथ या केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मांग अधिक थी.

भाजपा नेताओं का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज़ हुसैन का नाम इस लिस्ट में नहीं होना एक तरह से उन्हें संकेत है कि बिहार में जब तक नीतीश कुमार का साथ है तब तक मुस्लिम मतदाताओं के लिए अन्य मुस्लिम नेता काफ़ी हैं. यह पहली बार होगा, जब रूडी या शहनवाज जैसे नेता, स्टार प्रचारक के रूप में विधानसभा चुनावों में नहीं दिखेंगे.