सृजन घोटाले के मुख्य सूत्रधार को CBI क्यों बचा रही

पटना (TBN रिपोर्ट) | मीडिया और सोशल मीडिया में सुर्खियां बन चुके सृजन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने घोटाले के तीन अलग-अलग मामलों में रिटायर हो चुके आई ए एस अधिकारी के पी रमैया समेत 60 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दिया है. सीबीआई ने जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है उनमें बिहार सरकार के कई अधिकारियों के साथ साथ बैंक अधिकारी, सृजन संस्था के संचालक शामिल हैं. पूर्व आईएएस के पी रमैया पर भागलपुर के जिलाधिकारी रहते घोटाले को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है. सृजन घोटाले को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर करारा वार किया है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि आंध्रप्रदेश के इस अधिकारी सह बिहार के नेता ने जेडीयू को इतना समृद्ध किया कि आदरणीय नीतीश जी ने उन्हें बिहार से लोकसभा चुनाव लड़वाया. हारने के बाद लैंड ट्रायब्यूनल का सदस्य बनाया ताकि उनकी पार्टी जेडीयू केपी रमैया रचित घोटालों और उनके पावन कर कमलों द्वारा और समृद्ध होती रहे.

तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार सरकार के शीर्ष पर बैठे सृजन घोटाले के मुख्य सूत्रधार को CBI द्वारा क्यों बचाया जा रहा है? महादलित विकास मिशन घोटाला, ज़मीन और सृजन घोटाले के आरोपी केपी रमैया तो उनकी आँखों का तारा है.पटना हाईकोर्ट ने केपी रमैया के भ्रष्टाचार पर तल्ख टिप्पणियां की थी

उन्होंने आगे कहा है कि सृजन घोटाले में सरकारी खज़ाने से 3300 करोड़ की लूट का दोषी कौन है?2008 की CAG रिपोर्ट के बावजूद क्यों CM के संरक्षण में लगातार 10 वर्ष तक यह घोटाला चलता रहा?46 लाख के कथित चारा घोटाले पर हाय-तौबा करने वाले 3300 करोड़ की लूट पर चुप क्यों है? क्या CM की चुप्पी घोटाले का प्रमाण नही?

नीतीश कुमार से सवाल करते हुए तेजस्वी यादव कहा है कि मुख्यमंत्री बताए कि सृजन घोटाले, SC/ST छात्रवृति और ज़मीन घोटाले के आरोपी IAS और नेताओं को उनका सप्रेम संरक्षण प्राप्त क्यों है? ऐसी क्या योग्यता है कि आप उन्हें चुनाव लड़वाते है और हारने पर और घोटाला करने के लिए प्रोत्साहित और पुरस्कृत करते है?