Why I kil’led Mahatma Gandhi…!!! – का ट्रेलर हुआ रिलीज

पटना (वरिष्ठ पत्रकार अनुभव सिन्हा की कलम से)| 30 January 1948 की शाम प्रार्थना सभा में भाग लेने जा रहे महात्मा गांधी की हत्या नाथू राम गोड्से ने कर दी थी. गांधी की हत्या के 74 साल पूरे होने के दिन यानी 30 January को Why I killed Gandhi फिल्म रिलीज हो रही है. 2.20 मिनट की अवधि का इस फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज हुआ है.

ऐतिहासिक सच यही है कि गोड्से ने गांधी की हत्या की. पर यह विवादित है कि गांधी को तीन गोलियां लगी या चार. जांच की मांग भी हुई, पर वह पूरी कभी नही हुई. उसी तरह यह भी एक तथ्य है कि बॉलीवुड का देशप्रेम जिस तरह से भारतीय मानस के समक्ष परोसा जाता रहा, उनकी स्क्रिप्टिंग और 30 January को रिलीज हो रही फिल्म Why I killed Gandhiji की स्क्रिप्टिंग में अंतर बॉक्स आफिस पर फिल्म की सफलता अथवा असफलता की गारंटी बनेगा.

2.20 मिनट के ट्रेलर (नीचे देखें ट्रेलर) में जिन वाक्यांशों पर प्रमुखता दी गई है वह कारण और वस्तु स्थिति पर केन्द्रित है. अदालत में गोड्से को यह कहते हुए फिल्माया गया है कि डेढ़ करोड़ लोगों का कत्लेआम विभाजन के कारण हुआ. जबकि प्रोसक्यूशन पक्ष की तरफ से अदालत में यह दलील दी गई कि मामला गांधी की हत्या का है न कि देश के विभाजन का. गोड्से की भूमिका डाक्टर अमोल कोह्ले ने निभाई है.

अंग्रेजी भाषा मे एक शब्द है “Mefistophelion” जिसका शाब्दिक अर्थ है एक ऐसा व्यक्ति जिसकी आलोचना सौ लोग करते हैं तो दस लोग उसकी पूजा करते हैं. यह शब्द भले अब चलन मे न हो और इसका इस्तेमाल कार्ल मार्क्स के लिए किया गया हो, पर यह शब्द पाश्चात्य जगत को “सूट” करता था. भारतीय संस्कृति में इस शब्द की कोई जगह नही है.

यहां चारित्रिक महिमामण्डन की जगह “कर्म” को प्रधानता दी गई है. फिल्म Why I killed Gandhi की स्क्रिप्टिंग इस कसौटी कसी गई है या नही, यह देखना दिलचस्प होगा. महात्मा गांधी mefistophelion थे या नही अथवा हैं या नही, इस तथ्य पर फिल्म फोकस करता है अथवा नही जैसे कई सवालों के जवाब इस फिल्म से मिल सकते हैं.

फिल्म के रिलीज होने पर इसे रेस्पौंस कैसा मिलता है, यह बहुत कुछ इसके स्क्रिप्ट पर भी निर्भर करेगा. सवाल कई हैं. क्या केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार होने की वजह से सेंसर बोर्ड ने हरी झण्डा दे दी या कांग्रेस की हुकूमत रहती तो इसे रिलीज होने से रोक दिया जाता ? वैसे ही दूसरे अन्य सवाल गांधी के मुसलमानों और पाकिस्तान प्रेम से जुड़े हुए हो सकते हैं, हालांकि गांधी से जुड़ा यह सवाल ट्रेलर में प्रदर्शित नही किया गया है.

फिर भी आने वाले रविवार को रिलीज होने वाली यह फिल्म कई अर्थों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. 26 जनवरी 1963 को लता मंगेश्कर के उस कालजयी गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ ने बॉलीवुड के सामने देशभक्ति के सम्भावनाओं के दरवाजे खोल दिए थे. बॉलीवुड ने हमारी देशभक्ति और हमारी संस्कृति को किस तरह परोसा है, यह हमारे सामने है. हमारे इतिहास से छेड़छाड़ इतिहासकारों ने कितनी की है, यह हमारे सामने है. ऐसा ही एक इतिहास महात्मा गांधी की हत्या का भी है. यह फिल्म बता सकती है कि गांधी की हत्या से जुड़े इतिहास के साथ कैसा बर्ताव किया गया.

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अदालत में गोड्से ने पचास कारण बताए थे और कहा था कि, “मैने गांधी का वध किया है.” लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गोड्से के गिनाए कारणों को सार्वजनिक करने की अनुमति प्रदान की जो अब आम लोगों के लिए उपलब्ध है.

(उपरोक्त लेखक के अपने विचार हैं)