आरक्षण पर विधायिका और सड़क पर होगा साझा संघर्ष – तेजस्वी

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पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) | देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी और प्रमोशन में आरक्षण पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है. शीर्ष अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में इस बात का जिक्र किया कि सरकारी नौकरियों में पदोन्नति के लिए कोटा और आरक्षण कोई मौलिक अधिकार नहीं है. लेकिन समय समय पर आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति होती रहती है. इसी क्रम में एक बार फिर से आरक्षण को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्विटर के जरिये ट्वीट करते हुए कहा है कि;

कोरोना महामारी की आड़ में आरक्षण और सामाजिक न्याय के खिलाफ चल रहे षड़यंत्र से राजद पूरी तरह वाकिफ और लम्बी लड़ाई के लिए तैयार है. संस्थाओं के वर्चस्ववादी चरित्र एवं शासक वर्ग की नीति और नीयत को कामयाब नहीं होने देंगे. विधायिका में और सड़क पर साझा संघर्ष होगा.

संविधान प्रदत्त आरक्षण के खिलाफ एक माइंड–सेट है जो कई महत्वपूर्ण संस्थाओं पर काबिज़ है. राजद लोकसमता और समान सामाजिक प्रतिनिधित्व के हिमायती देश के सभी प्रगतिशील सरोकार वाले देशवासियों और दलों से एकजुटता की अपील कर वंचितो के अधिकार और सरोकार की साँझा लड़ाई का आह्वान करता है.