केंद्र द्वारा तीनों नए कानून निरस्त होने पर ही किसान घर जाएंगे: बीकेयू

गाज़ियाबाद (TBN – The Bihar Now डेस्क)| केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए तीन किसान अधिनियमों के विरोध में दिल्ली और उसके आस-पास किसानों द्वारा की गई घेराबंदी अब 16वें दिन में प्रवेश कर गई है. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने शुक्रवार को दोहराया कि जब तक तीनों अधिनियमों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा.

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बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, “केंद्र और किसानों के बीच गतिरोध खत्म करने का केवल एक ही तरीका है. दोनों को झुकना होगा. केंद्र को कानूनों को रद्द करना होगा और किसानों को घर जाना होगा.” टिकैत ने कहा कि किसान केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए संशोधन नहीं चाहते हैं.

सरकार के साथ आगे की बातचीत की संभावना के बारे में पूछे जाने पर बीकेयू के प्रवक्ता ने कहा कि अगर सरकार बातचीत के लिए निमंत्रण भेजती है, तो किसान आगे की बातचीत की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे.

9 दिसंबर को सरकार के प्रस्तावों को खारिज करने के बाद, प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों ने कहा था कि वे अपना विरोध तेज करेंगे. संघ के नेताओं ने कहा कि 14 दिसंबर को भाजपा कार्यालयों के पास धरना होगा. साथ ही दिल्ली-जयपुर राजमार्ग को 12 दिसंबर को अवरुद्ध कर दिया जाएगा एवं देश के अन्य हिस्सों से किसानों को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा जाएगा.

बता दें कि किसान संघ, किसान व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 (Farmers’ Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020); मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020 पर किसानों (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता (Farmers (Empowerment and Protection) Agreement on Price Assurance and Farm Services Act, 2020); और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 (Essential Commodities (Amendment) Act, 2020) का विरोध कर रहे हैं.

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