पूछ रहा सारा बिहार, कहाँ छुपे हो नीतीश कुमार

पटना (TBN रिपोर्ट) | राजद के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते आंकड़ों को लेकर नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा है कि बिहार में कोरोना संक्रमण फैलाव सबसे अधिक है और कोरोना जाँच की गति सबसे धीमी होने के बावजूद भी आदरणीय नीतीश कुमार जी देश के इकलौते ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो इस गंभीर कोरोना संकटकाल मे 90 दिन से अपने आलीशान बँगले से बाहर नही निकले है?  नीतीश जी को जनता की नहीं चुनाव के जातीय अंकगणित की ज्यादा चिंता है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार सरकार दावा करती है कि अधिकांश कोरोना संक्रमित मरीज बाहर से बिहार लौटे श्रमिक है अथवा उनके संपर्क में आए व्यक्ति है. प्रश्न यह है कि क्या बिहार वापस लौटे 30-32 लाख श्रमिक भाईयों की जाँच हुई? क्या उनकी random sampling हुई? नहीं तो सरकार की मंशा क्या है? इतनी लापरवाही क्यों?

राजद नेता ने कहा कि बिहार सरकार ने कथित डोर टू डोर सर्वे में दावा किया था कि इन्होंने 10 करोड़ से अधिक लोगों की काग़ज पर स्क्रीनिंग की जिसमें लगभग 4 लाख केस सर्दी, बुखार, गला दर्द अथवा कोरोना संबंधित लक्षण थे. क्या ऐसे सभी लोगों की कोरोना जाँच हुई? अगर नहीं तो ऐसा क्यों हुआ?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में कोरोना जाँच की गति देश में सबसे कम है. 12 करोड़ 60 लाख की आबादी वाले बिहार  में विगत 100 दिनों में अब तक मात्र 1 लाख 23 हज़ार ही जाँच हुई है. धीमी जाँच का दोषी कौन? क्या 3 महीने बाद भी हेल्थ इंफ़्रास्ट्रक्चर इतना दयनीय है कि एक दिन में 10 हज़ार जाँच भी नहीं हो सकती?

तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार घर से बाहर निकल कर का दौरा करते हुए श्रमिकों का हाल-चाल नहीं पूछेंगे,सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराएँगे तो 10 दिन बाद उनके घर से बाहर नहीं निकलने के 100 दिन पूर्ण हो जाएँगे. मुख्यमंत्री को बाहर निकालने और उनको नींद से जगाने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पूरे बिहारभर में ढ़ोल पिटवाएगी.

नीतीश कुमार से सवाल पूछते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि क्या 90 दिन से ग़ायब मुख्यमंत्री जी को उनके आलीशान बंगले से कुछ ही दूरी पर अवस्थित कोविड अस्पतालों में जाकर तैयारी का जायज़ा नहीं लेना चाहिए?श्रमिकों से बात नहीं करनी चाहिए?बंद कमरों की समीक्षा में तो सब गुलज़ार और बहार ही दिखेगा,ज़मीनी हक़ीकत तो ज़मीन पर जाने से ही मालूम पड़ेगा.

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा है कि “पूछ रहा सारा बिहार, कहाँ छुपे हो नीतीश कुमार”.