लॉकडाउन में नीतीश की प्रशासनिक क्षमता, संवाद, संवेदना, दूरदर्शिता सब फेल – तेजस्वी

पटना (TBN रिपोर्ट) | आरजेडी व प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को लॉकडाउन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के पिछले 40 दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री प्रशासनिक क्षमता, संवाद, संवेदना, दूरदर्शिता आदि पैमानों पर पूरी तरह से विफ़ल रहे हैं.

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ख़ुद ही माँग करते हैं, फिर ख़ुद ही उसका खंडन करते है, ख़ुद ही आग्रह करते है और ख़ुद ही फिर हाथ खड़े कर देते हैं.
नीतीश कुमार कभी ट्रेन नहीं चलवाने की कवायत करते है तो कभी मज़दूरों की राज्य वापसी का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें बिहार में घुसने नहीं देंगे जैसी धमकी देते है.

उन्होंने आगे कहा कि जब अधिकांश राज्य सरकारें अपने प्रदेशवासियों को वापस बुलाना शुरू करती है तो नीतीश नियमों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेते है. फिर जब नियमों में संशोधन होता है तो कहते है हमारी 15 सालों की सुशासनी सरकार के पास संसाधन ही नहीं है. फिर ट्रेन बंद करवाने के अपने ही आग्रह से पलटते हुए ट्रेन शुरू करवाने का आग्रह करते है. फिर जब ट्रेन शुरू होती है तो कहीं कोई व्यवस्था नहीं होती.

तेजस्वी ने कहा कि हमने 30 मार्च को ही सभी अप्रवासी श्रमवीरों को विशेष रेलगाड़ियों द्वारा वापस बुलाने की माँग की थी. उस वक्त जो भी मज़दूर वापस बिहार लौटे थे उनमें किसी को भी कोरोना संक्रमण नहीं था. लेकिन नीतीश जी ने हमारी बात को बचकाना कह कर ख़ारिज कर दिया. फिर जब लॉकडाउन 2.0 शुरू हुआ, तब 15 अप्रैल को हमने फिर से ट्रेन चलाने का विशेष आग्रह किया लेकिन फिर हमारा मज़ाक़ उड़ाया गया.

तेजस्वी के अनुसार हमने 2000 बसें देने का ऑफ़र भी किया। हमने लगातार टेस्टिंग और स्वास्थ्य सुरक्षा और उपचार संबंधित उपकरणों की कमी पर भी वास्तविक जानकारी, सलाह और सुझाव देते रहे लेकिन नीतीश कुमार की अहंकारी और अदूरदर्शी सरकार ने उनकी एक नहीं सुना.

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार का एक सूत्री अजेंडा हमारे सकारात्मक सुझावों के विपरीत जाना रहा. लेकिन हमने जो-जो महीने पहले कहा वो नीतीश सरकार को अब करना पड़ रहा है.