किसानों का 27 सितंबर को भारत बंद, तेजस्वी उतरेंगे सड़क पर

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| किसान आंदोलन को हवा देने के लिए 27 सितंबर को एक बार फिर भारत बंद का ऐलान किया गया है. इस बंद का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है.

पिछले 2020 से ही कई किसान संगठन दिल्ली की सीमा पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. यह आंदोलन केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किया जा रहा है. पिछली बार 8 दिसंबर 2020 को भी भारत बंद किया था जिसे कांग्रेस समेत कई दलों ने समर्थन दिया था.

27 सितंबर को भारत बंद में महागठबंधन ने सक्रिय तरीके से अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस आशय का ऐलान कर दिया है जिसके बाद यह माना जा रहा है कि बिहार में बंद का असर बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकता है.

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में बिहार का महागठबंधन सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है. 27 सितंबर के भारत बंद में महागठबंधन किस तरह से भाग ले, इसपर विचार करने के लिए शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर महागठबंधन के नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में राजद, कांग्रेस, माले, सीपीआई और सीपीएम नेताओं ने भाग लिया. सभी ने यह एकमत से कहा कि महागठबंधन मजबूती के साथ किसानों के साथ है.

बैठक में शामिल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, वामदल के नेता धीरेन्द्र झा, केडी यादव, रामनरेश पांडेय, अरुण मिश्राऔर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि किसानों द्वारा आहूत 27 सितंबर के भारत बंद के समर्थन में वे खुद पटना की सड़कों पर उतरेंगे और केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेंगे.

इधर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान संगठन देश के तमाम राज्यों सभाएं कर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह भारत बंद में किसानों का समर्थन करें.

किसानों ने दावा किया है कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कई ट्रांसपोर्ट यूनियन, कर्मचारी यूनियन सहित महिला और युवाओं के हितों के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं के भारत बंद पर सहमति बन चुकी है. हरियाणा कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय युवा मंच, अखिल भारतीय नाबार्ड कर्मचारी संघ जैसी कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं भारत बंद का समर्थन कर रही हैं.