तेजस्वी ने कहा, तेज प्रताप यादव को अनुशासित होना चाहिए

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि उनके बड़े भाई और पार्टी विधायक तेज प्रताप यादव को अनुशासन में रहना चाहिए.

दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने कहा, “तेज प्रताप यादव मेरे बड़े भाई हो सकते हैं लेकिन हमारे माता-पिता ने हमें इस संस्कृति के साथ पाला है कि हमें बड़ों का सम्मान करना चाहिए. चाहे कुछ भी हो, अनुशासनहीनता ठीक नहीं है. पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता परेशानी का कारण बनती है. तेज प्रताप को अनुशासित होना चाहिए.”

तेजप्रताप यादव की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर तेजस्वी ने कहा, ‘नाराजगी होती रहती है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

इस बीच, राजद सूत्रों ने कहा कि पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी तेज प्रताप यादव के व्यवहार से नाखुश हैं।

सूत्रों के मुताबिक खुद लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को व्यवहार ठीक करने की सख्त चेतावनी दी थी. सूत्र ने बताया कि अगर तेजप्रताप ऐसा करते रहें तो पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकती है.

इससे पहले तेजस्वी से मिलने शुक्रवार को तेज प्रताप यादव 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि संजय यादव ने उन्हें अपने भाई और पार्टी नेता तेजस्वी यादव से बात करने नहीं दी. संजय ने उनकी बातचीत को बीच आकर बाधित किया जिसके बाद तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव पर तेज प्रताप भड़क गए थे..

तेजप्रताप यादव ने पत्रकारों को बताया था कि “मैं तेजस्वी से मिलने आया था. जैसे ही हमने बात करना शुरू किया, संजय यादव ने बीच में ही रोक दिया और तेजस्वी को वहां से ले गए. दो भाइयों के बीच आने वाला वह कौन है?”

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तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह पार्टी के किसी भी गतिविधि में भाग नहीं लेंगे.

दरअसल, तेज प्रताप यादव बिहार के अध्यक्ष जगदानंद सिंह से काफी नाराज हैं. उनकी नाराजगी राजद छात्रसंघ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को उनके पद से हटाए जाने के बाद फूटी है.

मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा था – “बिहार के अध्यक्ष जगदानंद सिंह को लगता है कि आरजेडी उनकी पार्टी है. पार्टी के संविधान का पालन नहीं किया गया. हमारे छात्र नेताओं को कोई नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया? उन्हें कोई भी निर्णय लेने से पहले पूछना चाहिए. मैं भी लालू यादव का पुत्र हूं. ‘तेज प्रताप यादव कौन है’ कहकर, क्या वे हमें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं? वे सिर्फ हमारी ‘कृष्ण-अर्जुन जोड़ी’ को तोड़ना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा था कि मैं अपने पिता लालू प्रसाद यादव से भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं. अगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मैं पार्टी की किसी भी गतिविधि में भाग नहीं लूंगा.