श्रमिकों को तेलंगाना भेजने पर तेजस्वी को आया CM पर गुस्सा

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- एक तरफ लॉकडाउन में हो रही परेशानियों की वजह से अन्य राज्यों में फंसे बिहारी मजदूर घर वापस लौट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खगड़िया से गुरुवार के सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर तेलंगाना के लीगमपल्ली स्थित राइस मिल में काम करने वाले 222 मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से तेलंगाना रवाना किया गया. जिसके बाद ये मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. बिहार सरकार पर आये दिन सोशल मीडिया के जरिये निशाना साधने वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट कर कहा है कि –

 “संवेदनहीनता की भी एक सीमा होती है. जहाँ सभी राज्य सरकारें अपने राज्यवासियों को वापस लाकर उनकी बेहतरी में दिन-रात प्रयासरत है. वहीं तालाबंदी से पहले बिहार आए अप्रवासी मज़दूरों को बिहार सरकार वापस बाहर भेज रही है. रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने वाली ये सरकार है या Manpower एजेंसी?

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आगे लिखा कि,

“ये असंवेदनशीलता दुःखद तो है ही साथ में CM के उस फ़र्ज़ी दावे की भी पोल खोल रही है जिसमें उन्होंने कहा था की अप्रवासी मज़दूरों का कौशल सर्वे करा बिहार में ही उनको रोज़गार देंगे. ये तो सरकार के द्वारा forced पलायन है. क्यों मुख्यमंत्री जी इतनी जल्दी बोझ बन गए हमारे ये कर्मवीर भाई?

राजद नेता प्रतिपक्ष ने पूछा है कि,

“अगर इन मज़दूरों को वहाँ कुछ होता है तो क्या बिहार सरकार इसकी ज़िम्मेदारी लेगी? आख़िर इतनी जल्दबाज़ी क्यों? क्या सरकार को उनके स्वास्थ्य और गरिमा का फ़िक्र और सम्मान नहीं करना चाहिए? यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है. काश! सरकार द्वारा इतनी तत्परता अप्रवासी मज़दूरों को वापस लाने में दिखाई जाती.”

बता दें, तेलंगाना सरकार ने बिहार सरकार से मजदूरों को वापस काम पर भेजने का आग्रह किया था. देर रात शार्ट नोटिस पर जब इस बात की सूचना मिली तो तेलंगाना सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मजदूरों की सूची में शामिल मजदूरों से संपर्क साधा गया. उन लोगों ने काम पर वापस जाने की इच्छा जताई. इसके बाद सभी लोगों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से काम पर वापस भेजा गया.