तेजप्रताप ने फूंका राजद से विद्रोह का बिगुल

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| ना ना करते करते तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने अपनी ही पार्टी राजद से विद्रोह का बिगुल फूंक ही डाला है. तेजप्रताप ने कहा है कि वे कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव (Bihar bypolls 2021) में कांग्रेस (Congress) उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बिहार के इस उपचुनाव में यह तेज प्रताप का तेजस्वी (Tejashwi Yadav) के खिलाफ यह नया दांव माना जा रहा है.

लेकिन वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कहा है कि तारापुर उपचुनाव के लिए वे राजद उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. इस बावत तेज प्रताप ने छात्र जनशक्ति परिषद (Chhatra Janshakti Parishad) के लेटर हेड से एक प्रेस रिलीज जारी करके अपनी मंशा जताई है.

तेजप्रताप ने इस लेटर हेड के माध्यम से कहा है कि राज्य में विधानसभा की दो सीटों के लिए हो रहे उप चुनाव में उनका संगठन छात्र जनशक्ति परिषद कुशेश्वरस्थान से कांग्रेस के उम्मीदवार अतिरेक कुमार को अपना समर्थन देगी. अतिरेक कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए छात्र जनशक्ति परिषद जी जान लगा देगा.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि तारापुर से उनका संगठन आरजेडी के प्रत्याशी अरुण कुमार साह के समर्थन में प्रचार करेगा. पत्र के माध्यम से उन्होंने छात्र जनशक्ति परिषद के सदस्यों से अपील की है कि वे दोनों ही विधानसभा सीटों में अपने समर्थित प्रत्याशियों के लिए जीत सुनिश्चित करें.

बता दें कि नाराज चल रहे लालू के लाल तेज प्रताप यादव अपनी ही पार्टी आरजेडी व अपने परिवार में अपनी उपेक्षा के कारण कुछ महीने पहले एक नया संगठन खड़ा किया जिसका नाम उन्होंने छात्र जनशक्ति परिषद रखा.

उसके बाद उपचुनाव 2021 के चुनाव प्रचार के लिए राष्ट्रीय जनता दल की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जो स्टार प्रचारकों की लिस्ट दी गई, उसमें तेज प्रताप यादव के साथ राबड़ी देवी और मीसा भारती का नाम नहीं था. पार्टी के इस मूव ने तेज प्रताप को और गुस्सा कर दिया.

यह भी पढ़ें| दीपावली एवं छठ के मद्देनजर सीएम ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

फिर आरजेडी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कह दिया था कि तेज प्रताप यादव अब आरजेडी में कहां है. तेज प्रताप यादव ने तो खुद ही राष्ट्रीय जनता दल से खुद को निष्कासित कर चुके हैं. शिवानंद के इस बयान ने भी तेज प्रताप के गुस्से में घी का काम किया. इन सभी झटकों के बाद अंदर ही अंदर तेज प्रताप खुद रणनीति बना रहे थे.

इस बीच कुशेश्वर स्थान से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतिरेक कुमार ने कहा था कि तेज प्रताप यादव से हुई मीटिंग में उन्होंने कहा कि कुशेश्वरस्थान में वे अतिरेक कुमार के लिए चुनाव प्रचार करने आएंगे. इस प्रकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके अशोक राम के बेटे अतिरेक कुमार का दावा सत्य साबित हुआ.

बताते चलें, तेजप्रताप यादव ने पहले ये कहा गया कि उनका छात्र जनशक्ति परिषद एक गैर राजनीतिक संगठन है. लेकिन तेजप्रताप यादव के परिषद ने राजनीतिक संगठन के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है. शनिवार का जो पत्र तेजप्रताप यादव ने जारी किया है उससे इतना तो साफ हो गया है कि वे खुलकर सामने आ गये हैं. उनके पत्र से स्पष्ट हो गया है कि राजद से उनका नाता लगभग टूट गया है. उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि वे राजद के खिलाफ राजनीति करने में भी पीछे नहीं रहेंगे. साथ ही यह भी साफ हो गया है कि तेज प्रताप एक सोंची समझी रणनीति के तहत पहले से ही काम कर रहे हैं.