सड़क, बिजली और पानी पहुँचने से गांव और शहरों के बीच का फर्क खत्म – सुशील मोदी

पटना (TBN – the bihar now डेस्क) | बिहार के सभी गांवों तक सड़क, बिजली और पानी पहुंच गई है जिससे अब गांव और शहरों के बीच का फर्क खत्म हो गया हैं। यह बात राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा. वे गुरुवार को राज्य में 15 हजार करोड़ से अधिक की लागत से ग्रामीण सड़कों के शिलान्यास, उद्घाटन के मौके पर आयोजित वर्चुअल समारोह को सम्बोधित कर रहे थे.

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश में ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए ‘प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना’ की शुरुआत पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने थी. ग्रामीण सड़कों के निर्माण पर बिहार में अब तक 64,199.20 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वहीं इन सड़कों के अनुरक्षण पर पिछले पांच वर्षों में 4,668 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं जो आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा. इस बढ़ोत्तरी का कारण यह है कि 15वें वित आयोग को पूरक ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजनाओं के अन्तर्गत निर्मित सड़कों के अनुरक्षण के लिए बिहार सरकार द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग की गई है.

मोदी ने कहा कि सभी गांवों तक पानी, बिजली और सड़क पहुंच जाने के कारण प्रदेश में गांव और शहरों के बीच का फर्क खत्म हो गया हैं. अब सभी गांवों तथा टोलों को बारहमासी एकल सम्पर्क पथ से जोड़ने व नली-गली पक्कीकरण की योजना अंतिम चरण में है.

मोदी ने बताया कि ग्रामीण सड़कों के किनारे पांच किमी तक की मनरेगा तथा उससे अधिक लम्बी सड़कों के किनारे वन विभाग की ओर से पौधारोपण किया जाएगा. उन्होंने बताया को 2012-13 से 2019-20 तक सड़कों के किनारे 4.70 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं. अगली बार से पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग के बजट में ही पौधारोपण का प्रावधान किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही यह निर्णय ले चुकी है कि सड़कों के निर्माण के लिए पेड़ों को नहीं काटा जाएगा. जरूरत पड़ने पर सड़क निर्माण के डिजाइन में बदलाव और पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा.

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