सुशील मोदी ने एक बार फिर ट्वीट कर तेजस्वी से पूछे सवाल

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | एक तरफ जहाँ बिहार विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण में अब बस कुछ ही घंटे रह गए है, वहीं तीसरे चरण के मतदान के लिए ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं की जा रही है. सभी पार्टियां एक दूसरे के कामों पर सवाल उठाने से पीछे भी नहीं हट रही. एक तरफ जहां तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के साथ-साथ एनडीए गठबंधन के नेताओं पर हमलावर हैं तो दूसरी तरफ सुशील मोदी ने एक बार फिर ट्वीट करते हुए तेजस्वी यादव से सवाल पूछे हैं.

आइए जानते हैं क्या है सुशील कुमार मोदी के सवाल….

  1. डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव को “जंगलराज का युवराज” कहते हुए पूछा “उनके राज में लोकसेवा आयोग के अध्यक्षों को क्यों जेल जाना पड़ा”? आगे उन्होंने लिखा क्या यह सही नहीं है कि राबड़ी देवी के कार्यकाल में बिहार लोकसेवा आयोग के दो अध्यक्षों (डा.रजिया तबस्सुम, डा.राम सिंहासन सिंह) और दो आयोग सदस्यों ( डा. देवनंदन शर्मा, डा. शिवबालक चौधरी) को निगरानी जांच में भ्रष्टाचार का दोषी पाये जाने के बाद जेल जाना पड़ा था? क्या पूरा नियुक्ति तंत्र कदम-कदम पर घूसखोरी के दलदल में धँसा हुआ नहीं था?
  2. तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरी देने की बात पर उन्होंने लिखा “भ्रष्टाचार को संस्थागत करने वाले 10 लाख नौकरी का वादा कर रहे हैं”. क्या यह सही नहीं कि वर्ष 2002 में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष देवनंदन सिंह को व्याख्याता बहाली के दौरान इंटरव्यू में मार्क्स की हेराफेरी करने का दोषी पाया गया और उन्हें जेल जाना पड़ा था? क्या लालू राज में पढ़े-लिखे बिहारी युवाओं की नौकरी का हक नहीं छीना गया?
  3. इतना ही नहीं सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव के वादे को झूठा करार करते हुए लिखा “1997 में राबड़ी सरकार ने डा. ( प्रो.) लक्ष्मी राय जैसे व्यक्ति को बिहार लोकसेवा आयोग का अध्यक्ष क्यों बनाया, जो मेधा घोटाला का अभियुक्त था और जिसे अध्यक्ष पद पर रहते हुए जेल जाना पड़ा? राजद सरकार ने नौकरी देने के नाम पर भी भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाया”.