राजद-कांग्रेस के राज में चरवाहा विद्यालय खुला और बंद भी हुआ – उपमुख्यमंत्री

पटना (TBN – the bihar now डेस्क) | सोमवार को बिहार के अनकवर्ड 3304 पंचायतों में कक्षा नवम का शुभारंभ हुआ. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू-राबड़ी और राजद-कांग्रेस के 15 सालों के राज पर जमकर प्रहार किया.

उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस के 15 साल के राज में एक भी नया शैक्षणिक संस्थान नहीं खोला गया था. उन्होंने राजद-कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूछा कि क्या वे बता सकते हैं कि क्या उनके राज में एक भी नया शैक्षणिक संस्थान खोला गया था ? केवल “गाय चरानेवालों, भैस चरानेवालों, चूहा पकड़नेवालों पढ़ना-लिखना सीखों’ का नारा देकर 113 चरवाहा विद्यालयों का खोलना और फिर बंद हो जाना – ये क्या है ? और तो और, पहलवान विद्यालय का भी प्रस्ताव बनाकर उसको दबा देना उसी राज में हुआ. वहीं गाय, भैंस चराने वालों तथा चूहा पकड़ने वालों को एनडीए सरकार ने स्कूलों से जोड़कर उनकी पढ़ाई की व्यवस्था की.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 15 वें वित्त आयोग को पूरक ज्ञापन देकर केंद्र से 6,468 करोड़ रु की मांग की गई है. इसमें से 508 करोड़ रु राज्य में डिजिटल विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट खोलने के लिए तथा 5,718 करोड़ की मांगउच्च माध्यमिक विद्यालय भवनों के लिए है. वहीं बिहार की वर्तमान सरकार ने डिजिटल विश्वविद्यालय, जो लगभग 250 करोड़ रु की लागत से खुलने वाला है, को दुनिया के सभी यूनिवर्सिटिज और सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने का प्लान किया है.

आज नियोजित शिक्षकों के ढोंगी पैरोकार बने हुए हैं ये

मोदी ने राजद-कांग्रेस पर बरसते हुए आगे कहा कि आज जो नियोजित शिक्षकों के ढोंगी पैरोकार बने हुए हैं, वे ही कभी उन्हीं को अयोग्य ठहराते हुए उनकी नियुक्ति पर सवाल खड़ा किया करते थे. उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस के 15 सालों के राज में शिक्षा पर केवल 34,559 करोड़ खर्च किये गए थे, जबकि एनडीए के 15 सालों के राज में यह रकम 2 लाख 61,565 करोड़ है.

मोदी ने कहा कि एनडीए की सरकार में केवल शिक्षकों के वेतन पर 23 हजार करोड़ खर्च होता है. उस पर अब सैलरी में 20% की बढ़ोतरी के निर्णय के बाद शिक्षकों के वेतन की राशि बढ़ कर करीब 25 हजार करोड़ रु. हो जायेगी और इससे सरकारी खजाने पर 2,765 करोड़ का बोझ बढ़ जाएगा.