संकट काल में क्‍यों विफल रहती है मोदी सरकार – शरद यादव

पटना (TBN डेस्क) | पूर्व सासंद शरद यादव ने गलवान घाटी में मंगलवार को हुए चीन और भारत के बीच हिंसक झड़प को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया है. उन्होंने इस झड़प में शहीद हुए देश के सैनिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी.

शरद यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कल देर रात इस हिंसक झड़प की खबर बहुत ही अफसोसजनक और दुखद है. उन्‍होंने कहा कि भारत और चीन के बीच पिछले महीने की शुरुआत से ही लद्दाख बॉर्डर के पास माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ था. भारत चीन सीमा पर 45 वर्ष बाद हुए इस हिंसक झड़प के कारण को जानने की आवश्यकता है.

यादव ने कहा कि इस मामले को भारत के प्रधानमंत्री और चीन के प्रेसिडेंट के बीच बातचीत से सुलझा लेना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह समय मोदी सरकार की खामियों को बताने का तो नहीं है परंतु यह सरकार हर मोर्चे पर, चाहे वह कोरोना संकट हो या इनका कोई और निर्णय हो, विफल ही रही है.

हालांकि उन्‍होंने ये भी कहा कि आज देश में सभी दलों को साथ मिलकर बढ़ती समस्याओं को सुलझाने का काम करना चाहिए तथा प्रधानमंत्री को देश को संबोधित करके ऐसी स्थिति पैदा होने की सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए.

शरद यादव ने गलवान घाटी इलाके में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू और जे सीओ कुंदन कुमार समेत 20 सैनिकों के लिए दुःख प्रकट किया. उन्होंने कहा कि बिहार बटालियन का इतिहास हमेशा से प्रेरणादायक रहा है जिसने विपरीत परिस्थतियों में भी अपने जौहर दिखाए
हैं.

शरद के अनुसार, भारत के साथ व्यापार को देखते हुए चीन को ऐसी झड़प की स्थिति पैदा करने से बचना चाहिए था तथा उसे कोई भी मामला बातचीत से हल कर लेना चाहिए था. इसमें दोनों पक्षों को नुकसान हुआ है. इस खूनी झड़प में सैनिकों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.

ज्ञातव्य है कि 15 जून को चीन की ओर से स्थिति बदलने के प्रयास के परिणामस्वरूप भारत और चीनी सैनिकों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हिंसक झड़प हुई जों गलवान घाटी में पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान हुई. सेना के विज्ञप्ति के अनुसार चीन और भारत के बीच हिंसक झड़प में भारत के कमांडिंग ऑफिसर और जे सी ओ समेत 20 सैनिक शहीद हुए हैं. साथ ही चीन के लगभग 43 सैनिक हताहत होने का अनुमान है जिसमें कुछ मारे गए हैं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि अभी इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.