शिक्षा के क्षेत्र में फर्श से अर्श तक पहुंचा बिहार – सेतु

पटना (TBN डेस्क) | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार आज हर क्षेत्र में प्रगति की नई इबारत लिख रहा है. ऐसा कहना है युवा जनता दल यू के प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह सेतु का. उन्होंने बताया कि उद्योगों को बढ़ावा देने, बेरोजगारों को काम देने, कृषि क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने तथा शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करने के लिए नीतीश सरकार ने पिछले 15 वर्षों में बहुत सारे कार्य किये हैं.

युवा जदयू प्रवक्ता सेतु ने जारी बयान में कहा कि राज्य में 2005 के पहले शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त थी. लालू-राबड़ी की सरकार में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की बजाय चरवाहा विद्यालय खोल शिक्षा व्यवस्था का मजाक उड़ाया जा रहा था.

नीतीश कुमार की सरकार ने 2005 में बिहार की सत्ता पर आने पर शिक्षा में सुधार के लिए कई कार्य किये. इस कारण 2005 के पहले जहां राज्य के 13 प्रतिशत बच्चे स्कूल के बाहर थे, आज यह एक प्रतिशत से भी कम हो गया है. नीतीश सरकार के द्वारा बच्चों के लिए स्कूल चलो कार्यक्रम शुरु होने से ऐसा संभव हुआ.

सेतु ने कहा कि स्कूल चलो कार्यक्रम में 3.70 लाख बच्चे, प्रयास केंद्र के माध्यम से 12 लाख बच्चे, मकतब मदरसा नवाचारी केंद्र के माध्यम से अल्पसंख्यक मुसलिम समुदाय के लगभग 1.41 लाख बच्चे, तालीमी मरकज केंद्र के माध्यम से 85 हजार बच्चे, उत्थान केंद्र के माध्यम से महादलित समुदाय के लगभग छह लाख बच्चे एवं उत्प्रेरण केंद्र के माध्यम से लगभग 3.77 लाख बच्चे को मुख्य धारा से जोड़ा गया.

2018-19 में दो करोड़ बच्चों को पोशाक और पुस्तकें दी गईं. 2007-08 से 2019-2020 तक 45 लाख लड़कियों को साइकिल दी गयी. 2009-10 से अब तक नौवें वर्ग के 41लाख छात्रों को साइकिल योजना का लाभ दिया गया. एक करोड़ से अधिक बच्चों को आज मिड डे मिल दिया जा रहा है. उनके अनुसार 2005 में जहां शिक्षकों की संख्या 2.8 लाख थी, वह अब 4.70 लाख हो गयी है.

युवा जदयू प्रवक्ता ने कहा कि पिछले एक दशक में 17 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए बिहार में आज साक्षरता का प्रतिशत 63.8 तक पहुंच चुका है. बजट का 21 फीसदी से ज्यादा हिस्सा, करीब 33000 करोड़ रुपये बिहार सरकार शिक्षा पर खर्च करती है.

ओमप्रकाश सिंह सेतु ने कहा कि आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच के कारण ही बिहार में शिक्षा एक बेहतर स्थिति में है और एक नया बिहार का निर्माण हो रहा है.