‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ ऐतिहासिक एवं विकास को गति देने वाला

पटना (TBN रिपोर्ट) | कोरोना आपदा के चलते लॉकडाउन की वजह से देश की गिरती हुई अर्थव्यवस्था को हुई हानि से उभारने के लिए तथा देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रु. आर्थिक पैकेज की घोषणा की गयी हैं.

इसके साथ ही वितमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज की कल जारी की गयी दूसरी किश्त को गांव, मजदूर, गरीब और किसान के लिए ऐतिहासिक बताते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा है. मोदी सरकार उनकी परेशानियों को लेकर काफी संवेदनशील है. यही वजह है कि सरकार प्रवासी मजदूरों के हित में लगातार फैसले ले रही है.

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 20 लाख करोड़ रुपये के महापैकेज के तहत की गयी घोषणा के अनुसार 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अगले दो महीने तक प्रति व्यक्ति मुफ्त पांच किलो अनाज और प्रति परिवार एक किलो चना दाल दिए जाएंगे. इसके लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके लाभार्थियों की पहचान राज्य सरकार के जिम्मे होगी और यह योजना राज्यों के जरिये ही लागू की जाएगी. इससे उन 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को फायदा होगा जो दूसरे राज्यों में रह रहे हैं और जिनके पास राशन कार्ड नहीं है. इसके अलावा पीएम केयर्स फंड से प्रवासी श्रमिकों के आवागमन, खानपान, चिकित्सा जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1000 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं.

राजीव रंजन ने पैकेज के बारे में बताते हुए कहा कि पैकेज में किसानों को बड़ी छूट देते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें दिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज में छूट की स्कीम को 31 मई तक बढ़ा दिया है. छोटे किसानों के लिए 30,000 करोड़ का अतिरिक्त फंड नाबार्ड के जरिए तुरंत रिलीज किया जाएगा. ताकि रबी की फसलों की बुवाई का काम तेजी से हो सके. इससे 3 करोड़ किसानों को फायदा होगा. किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार करते हुए इसमें फिशरीज और एनिमल हस्बैंडरी किसान को भी शामिल करने की घोषणा की गयी है जिन्हें रियायती दरों पर 2 लाख करोड़ के कर्ज दिए जाएंगे.

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि गरीब मजदूर को न्यूनतम वेतन मिले और क्षेत्रीय असमानता दूर हो, इसके लिए भी कानून बनाने की घोषणा की गयी है. पहली बार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों को सस्ते किराए पर मकान दिलवाने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है.

स्ट्रीट वेंडरों का ख्याल रखते हुए सरकार ने उन्हें 5000 करोड़ रुपए की स्पेशल क्रेडिट सुविधा देने का ऐलान किया है, जिसका सीधा लाभ 50 लाख स्ट्रीट वेंडरों को मिलेगा. आदिवासी इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़े, इसके लिए 6000 करोड़ के कैम्पा फंड का इस्तेमाल करने की भी घोषणा की गयी. कोरोना संकट में केंद्र सरकार द्वारा दी गयी यह सुविधाएँ और रियायतों से न केवल करोड़ों लोग लाभान्वित होंगे, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था में एक नई जान आएगी. भारत एक बार फिर पूरी गति से प्रगति के पथ पर आगे बढेगा.