समावेशी विकास के माध्यम से जातीय जनगणना का मकसद पूरा : आरसीपी

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार और केंद्र की सरकार समावेशी विकास के माध्यम से जातीय जनगणना (Caste Census) के मकसद को प्राप्त कर रही है. यह बात सोमवार को केंद्रीय इस्पात मंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह (RCP Singh JDU) ने जातीय जनगणना को लेकर कही.

सिंह ने कहा कि यद्दपि जातीय जनगणना उनकी पार्टी की मांग है लेकिन राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिल्क इस मकसद को समावेशी विकास के माध्यम से पूरा कर रही है.

सोमवार को आरसीपी सिंह केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद पहली बार पटना आयें. पटना स्थित जदयू पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में वे पत्रकारों से बात कर रहे थे.

हर वर्ग को मिल रही विकास की धारा

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर जो लोग सवाल कर रहे हैं या राजनीति कर रहे हैं, उन्हें पहले बिहार सरकार के सात निश्चय के मॉडल को अच्छी तरह से पहले समझ लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज समाज के हर वर्ग को विकास की धारा मिल रही है.

आरक्षण का मुद्दा समाप्त

आरसीपी ने कहा कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार, दोनों ही आज समावेशी विकास के मॉडल पर आगे बढ़ रही है. इस कारण अब आरक्षण का मुद्दा समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि बिना जातीय जनगणना के भी विकास समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही है.

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उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए जनगणना आज भी होती है. उन्होंने कहा कि इस जनगणना का मकसद सभी जानते हैं. सिंह ने कहा कि 70 और 80 के दशक में देश में आरक्षण की जिस तरह से बात होती थी अब वह दौर खत्म हो चुका है.