PM ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किया CM से संवाद

पटना (TBN रिपोर्ट) | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया. प्रधानमंत्री ने सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ छठी बार संवाद किया.

पीएम नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों, रोजगार सृजन के कार्यों एवं कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति के साथ-साथ तथा भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा करते हुए विचार विमर्श किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान देश के अन्य हिस्सो में फंसे बिहार के लगभग 21 लाख लोगों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजनान्तर्गत उनके खाते में 4,000 रुपए की राशि अंतरित की गई. उन्होंने कहा कि 4 करोड़ 62 लाख राशनकार्डधारी एवं गैर राशन कार्डधरियों के खाते में 1000 रुपए की राशि अंतरित की गई है. सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में तीन माह की अग्रिम पेंशन भुगतान किया गया है.

नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से राहत देने के लिए अपने तरफ से 8500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च कर चुकी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भी महिलाओं के जन धन खाते में 500 रुपए की तीन किस्त दी गई है. इसके अलावा उज्ज्वला योजनांतर्गत मुफ्त में तीन बार गैस सिलिण्डर दिया गया है. राशन कार्डधारियों को तीन माह तक उनके राशन चावल /गेहूं 5 किलो तथा 1 किलो दाल मुहैय्या कराया गया है.

नीतीश कुमार ने कहा कि पल्‍स पोलियो अभियान की तर्ज पर संभावित कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया. उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या आज तक 6,889 है. इनमें 39 मरीजों की मृत्यु हुई है, जिनमें अधिकतर अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे. अभी 2073 कोरोना के एक्टिव मामले हैं. राज्य में कुल कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में से 69 प्रतिशत व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं.

उन्होंने कहा कि जहां भी कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाते हैं, वहॉ कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर उनके आसपास के व्यक्तियों की सघन जांच करायी जाती है. बिहार में कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर औसतन प्रति व्यक्ति 30 से अधिक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करायी जाती है.

नीतीश कुमार ने कहा कि 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलायें, अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति तथा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे-बच्चियों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखा जा रहा है. उन्हें अनावश्यक बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है. उन्होंने कहा कि गांव-गांव, कस्बों तक लाउडस्पीकर, पोस्टर एवं अन्य संचार माध्यमों से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये लोगों को सतर्क एवं सचेत रहने के लिये जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. लोगों को बताया जा रहा है कि लोगों को कोरोना संक्रमण से घबराना नहीं है. लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क और सेनिटाइजर का प्रयोग करने का अनुरोध किया जा रहा है. यहॉ के लोग जागरूक हैं और सभी तरह की सतर्कता बरत रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आए क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों से मैंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत बातचीत की. बातचीत के क्रम में यह जानकारी मिली कि बाहर में उन्हें काफी कष्ट हुआ और अब वे बिहार के बाहर नहीं जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बाहर से आए लोगों का स्किल सर्वे कराया गया है. हमलोगों की कोशिश है कि मजबूरी में किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े, लोगों को यहीं रोजगार मिले. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश एक है,नागरिकता एक है, यहां कोई प्रवासी नहीं है. देश के किसी हिस्से में कोई कहीं जाकर रोजगार कर सकता है. उन्होंने कहा कि मनरेगा, सड़क निर्माण कार्य, भवन निर्माण कार्य, सात निश्चय शुरुआत की योजनाओं, जल-जीवन-हरियाली योजनाओं एवं अन्य योजनाओं के तहत लोगों को इस अवधि में रोजगार दिए गए हैं.

नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि मनरेगा के तहत 6 करोड़ अतिरिक्त मानव दिवस सृजन की स्वीकृति दी जाए. साथ ही 100 दिनों की रोजगार गारंटी की सीमा को बढ़ाते हुये 200 दिन करने की मॉग की. उन्होंने कहा कि 32 लाख 86 हजार आवास रहित लोगों का सर्वे कराया गया है. मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्राथमिकता के आधार पर आवास के लिए स्वीकृति दी जाए साथ ही इसके लिए अतिरिक्त राशि के आवंटन की भी मॉग की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारियों को अभी राशन कार्ड उपलब्ध कराना है, तभी उन्हें नेशनल फूड सिक्‍योरिटी एक्ट का लाभ मिल पाएगा. वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पहले के राशन कार्डधारियों का आंकलन किया गया था लेकिन अब बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से इसे स्वीकृत करने का अनुरोध किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक में हमने बैंकों के अधिकारियों को यह सुझाव दिया है कि एनुअल क्रेडिट प्लान को बढ़ाएं. राज्य का क्रेडिट डिपॉजिट रेसियो मात्र 43 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने की जरुरत है. राज्य के बैंकों में यहां के लोगों का अधिक पैसा जमा होता है जो कि अमीर राज्यों में इसे खर्च किया जाता है. उन्होंने केंद्र सरकार एमएसएमई के लिए निर्धारित की गई राशि को भी बढ़ाने का अनुरोध किया.

नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में फूड प्रॉसेसिंग, गारमेंट्स, टेक्सटाइल्स, लेदर गुड्स,मेडिकल, इलेक्ट्रिकल एवं अन्य उद्योगों की संभावना है. अगर इसमें केन्द्र सरकार पहल कर कोई उद्योग लगवाने में मदद करे तो राज्य सरकार 1 हजार एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि मेक-इन इंडिया के तहत बिहार में भी कुछ पहल करने की आवश्यकता है,इसके लिये जीएसटी, आयकर में छूट दिये जाने पर विचार किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश एकजुट है. हमारे देश के साथ जो कोई भी समस्या पैदा करने की कोशिश करेगा तो हम सब एकजुट होकर उसका मुकाबला करेंगे.

वीडियो कांफ्रेंसिंग की शुरुआत में भारत-चीन सीमा पर स्थित गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों के सम्मान में सभी लोगों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद आगे की कार्यवाही शुरू की गयी.