पप्पू यादव ने दिल्ली से बिहार के लिए की 25 बसें रवाना

पटना (TBN रिपोर्ट) | नीतीश सरकार पर मजदूरों के मुद्दों को लेकर सभी राजनीतिक दल लगातार निशाना साध रहे है. वहीँ अन्य राज्यों में फसे हुए मजदूरों की मदद के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां सहयोग कर रही है.  

इसी क्रम में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने लॉकडाउन के चलते दिल्ली में फंसे हुए मजदूरों को हो रही समस्याओं को देखते हुए  रविवार की देर रात दिल्ली से बिहार के अलग-अलग जिलों केे लिए 25 बसें रवाना करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर जमकर हमला बोला. 

पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि मेरे मजदूर भाई परेशानी में है तो मैं चैन से कैसे बैठ सकता हूँ. ये नहीं हो सकता. मजदूरों को घर भेजने के लिए मैं लगतार प्रयासरत था. आगे भी बसों से मजदूर भाईयों और अन्य फंसे हुए लोगों को उनके घर भेजेंगे.

जाप अध्यक्ष ने लॉकडाउन के चौथे चरण के बारे में कहा कि सरकार के पास न नीति है और न ही नियत. कंफ्यूज है यह सरकार. जितनी घोषणाएं की गई है उसमें से एक भी मजदूरों को तत्काल में राहत पहुंचाने वाली नहीं हैं.

पप्पू यादव ने कहा कि 20 लाख करोड़ के पैकेज में मज़दूरों को सिर्फ 20 रूपया मिला है. गरीब और मजदूर भूख से परेशान हैं और सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है.

जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने 23 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा जारी उस ग्राफ का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि 16 मई तक भारत में कोरोना के मामले ज़ीरो हो जाएंगे. इस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि नीति आयोग और भारत सरकार के उन लोगों को टॉर्च लेकर ढूंढ रहा हूं जिन्होंने 23 अप्रैल को ग्राफ लोगों को दिखाया था कि कैसे 16 मई तक भारत में कोरोना के मामले जीरो हो जायेंगे. उन सभी से अनुरोध है कि अपनी सेल्फी भारतवासियों को जरूर भेजें.

इसके साथ ही पप्पू यादव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बारे में बात करते हुए कहा कि अपनी नाकामियों को वित्त मंत्री जी छिपा नहीं पा रही है, इसलिए गुस्सा आ जाता है. निर्मला जी विपक्ष पर इतना आक्षेप मत लगाइए. अपना काम अच्छे से कीजिए.