पप्पू यादव बोले- ‘रिया छोटी मछली है, बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा’

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में CBI ने केस दर्ज कर लिया है. सीबीआई इस केस की जांच में जुट गई है. सुशांत केस में सबसे पहले सीबीआई जांच की मांग करने वाले जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव अब CBI अफसर की भूमिका पर ही सवाल खड़ा करने लगे हैं. उनका कहना है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर राजनीति का विचित्र नाटक किया जा रहा है. उनका मानना है कि एक फेलियर ऑफिसर को इस केस में जांच के लिए लगाया गया है.

पप्पू यादव ने आरोप लगाते हुए कहा, रिया चक्रवर्ती मर्डरर है, इसमें कोई बहस नहीं है. इस केस में सिर्फ अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ही नहीं है. सुशांत की मौत के पीछे कई पार्टियों के नेता भी शामिल हैं. इसके अलावा अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग भी इस हत्याकांड के पीछे हैं. सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के पीछे किसका हाथ है, इसकी भी अच्छे से जांच होनी चाहिए. इस केस में रिया चक्रवर्ती को केंद्रित किया जा रहा है, जबकि सुशांत की मौत के पीछे कई बड़ी मछलियां हैं. पप्पू यादव ने कहा कि ‘मैं बॉलीवुड इंडस्ट्री में गैंग से आजादी चाहता हूं.

जाप अध्यक्ष ने कहा कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में सभी दलों के नेताओं की भागीदारी है. अंडरवर्ल्ड के लोगों की मिलीभगत है. सब लोग शामिल हैं. महाराष्ट्र सरकार ने इस केस को समाप्त कर दिया. बहुत पहले ही इस केस को सीबीआई को देने की जरूरत थी. बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि डीजीपी को तो बिहार के लोगों कोन्याय दिलाना चाहिए. माफियाओं और अपराधियों नाक में दम कर रखा है.


पप्पू यादव ने कहा कि सुशांत की मौत के बाद ही लगातार इस केस की जांच सीबीआई द्वारा कराने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने तक सरकार कहां थी. क्या सबूत मिटाने की कोशिश की गई. सुशांत सिंह राजपूत के हत्यारों को बचाने की कोशिश की जा रही है. पप्पू यादव ने कहा कि जिस सीबीआई अफसर को इस केस में जांच का जिम्मा सौंपा गया है, उसपर भी सवाल खड़ा किया.

उन्होंने कहा कि इसी अफसर को भागलपुर सृजन घोटाला, मुजफ्फरपुर नवरुणा केस और आरा के ब्रम्हेश्वर मुखिया हत्याकांड का जिम्मा सौंपा गया था. इन सभी मामलों में आजतक कोई खुलासा नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि पटना हाई कोर्ट के जज की मॉनिटरिंग में इस केस की जांच होनी चाहिए. इतना ही नहीं 3 महीने के भीतर हत्यारों को सलाखों के पीछे डालना चाहिए.

आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच बिहार निवासी आईपीएस नुपुर प्रसाद के नेतृत्व में जांच की जायेगी. मामले की निगरानी संयुक्त निदेश मनोज शशिधर और डीआईजी गगनदीप गंभीर करेंगे. सीबीआई के संयुक्त निदेश मनोज शशिधर और डीआईजी गगनदीप गंभीर दोनों गुजरात कैडर के अधिकारी हैं. जबकि, नुपुर प्रसाद 2007 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. वह एजीएमयूटी कैडर की हैं.

गौरतलब है कि 2004 बैच के गुजरात कैडर की आईपीएस गगनदीप गंभीर तेज तर्रार महिला अधिकारी हैं. पंजाब की रहनेवाली गगनदीप ने भी मास्टर की डिग्री हासिल की है. 45 वर्षीया गगनदीप स्पेशल क्राइम ब्रांच के पहले एसआईटी में रह चुकी हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश में अवैध माइनिंग, अगस्ता वेस्टलैंड डील, विजय माल्या, सृजन घोटाला जैसे दर्जनों मामले की तफ्तीश की है.