32 साल पुराने अपहरण मामले में पप्पू यादव हुए बरी, पुलिस ने 12 मई को किया था गिरफ्तार

मधेपुरा / पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बड़ी खबर राजनीतिक गलियारों से आ रही है जहां जाप सूप्रीमो पप्पू यादव को न्यायालय ने 32 साल पुराने एक मुकदमे से बरी कर दिया है. उनपर यह मुकदमा एक अपहरण के मामले में किया गया था. इस खबर की पुष्टि जन अधिकार पार्टी के सूत्रों के द्वारा की गई है. इस फैसले के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है.

सोमवार को मधेपुरा कोर्ट ने 32 साल पुराने अपहरण मामले में सजा काट रहे पप्पू यादव को रिहा कर दिया. जब मुकदमे का फैसला सुनाया जा रहा था तब पप्पू यादव कोर्ट में मौजूद थे. उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दरभंगा स्थित डीएमसीएच से एंबुलेंस द्वारा मधेपुरा ले जाया गया जहां वे कोर्ट में पेश हुए.

बता दें, मामले की पिछली सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जानकारी के मुताबिक, जाप नेता व सांसद पप्पू यादव के स्वास्थ्य को देखते हुए कोर्ट ने यह फैसला लिया.

पप्पू यादव ने दी प्रतिक्रिया

अपनी रिहाई का फैसला सुनकर पप्पू यादव ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, “इंसाफ हुआ, षड्यंत्र बेनकाब हुआ. जनता के आशीर्वाद से आज बाइज्जत बरी हो गया. साबित हो गया फर्जी मुकदमा में मुझे कैद किया गया था. न्यायालय के प्रति आभार! मैं रुकूंगा नहीं, झुकूंगा नहीं, थकूंगा नहीं, लड़ता रहूंगा! आज से फिर संघर्ष पथ पर आगे बढूंगा”.

याद दिला दें, मधेपुरा में हुए इसी 32 साल पुराने अपहरण के केस में इस साल 12 मई को जाप प्रमुख पप्पू यादव को पटना से गिरफ्तार किया गया था. उनकी यह गिरफ़्तारी तब हुई जब उन्होंने बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रुडी के खिलाफ एक मामला उठाया था. गिरफ्तार करने के बाद पप्पू यादव को पटना के गांधी मैदान थाना ले जाया गया जहां से रातोरात उन्हने मधेपुरा पुलिस पटना से ले जाकर सिविल कोर्ट पहुंची थी. कोर्ट ने पप्पू यादव को जेल भेज दिया था.

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बता दें कि पटना से गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव के समर्थकों के भारी विरोध के बीच उन्हें मधेपुरा ले जाया गया था. पप्पू यादव की पेशी के लिए रात 11 बजे मधेपुरा सिविल कोर्ट को खोला गया था. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से पप्पू यादव की पेशी हुई थी. इस दौरान उन्होंने कोर्ट के सामने अपनी बीमारी का भी हवाला बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की मांग की थी. कोर्ट ने उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजते हुए क्वारंटाइन जेल वीरपुर शिफ्ट कर दिया था. इसके बाद पप्पू यादव को बीमारी की वजह से डीएमसीएच में भर्ती कराया गया था.

लखीमपुर खीरी में हुए हिंसा पर पप्पू ने कहा

पप्पू याद जब कोर्ट में पेशी के लिया जा रहे थे, तब उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुए हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. इस मामले पर भी उन्होंने ट्वीट कर कहा, “पहले अंगेजों के दलालों से लड़ना पड़ा था. आज किसानों को उन दलालों की औलादों से लड़ना पड़ रहा है. किसानों के खून के सैलाब में बहा दो यूपी और भारत की भाजपाई हुकूमत को.”