विपक्षी नेता राज्यपाल से मिले, रुपेश हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पिछले महीने 12 जनवरी को हुए बहुचर्चित रूपेश सिंह हत्याकांड में बुधवार को किए गए खुलासे के बाद पटना पुलिस पर विपक्षी दलों ने उंगली उठानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में गुरुवार को विपक्ष के कई नेता राज्यपाल फागू चौहान से मिले.

रूपेश सिंह हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, अजित कुमार, राम जतन सिन्हा, अवनीश सिंह सहित विपक्ष के कई नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की.

पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने कहा कि हमने राज्यपाल को सिफारिश की है कि रूपेश के परिवार को उनके काम के लिए इंडिगो कंपनी द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए.

वहीं, पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने कहा कि पुलिस ने जिस तरह से रूपेश मामले में कहानी को बनाया है, वह हैरान करने वाला है. रूपेश के परिवार के ही नहीं, बल्कि राज्य के अधिकांश लोगों का मानना ​​है कि पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता को बचाने के लिए पूरी पटकथा तैयार की है.

उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से पटना में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. लेकिन जो आश्चर्यजनक बात है, वह यह है कि वीवीआईपी जोन में जहां दुर्घटना हुई, कोई कैमरा काम नहीं कर रहा है, जो एक बड़ी साजिश को दर्शाता है तथा इसकी गहन जांच होनी बेहद जरुरी है.

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बता दें कि बुधवार को पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने रूपेश सिंह हत्याकांड का उद्भेदन किया था. उद्भेदन करते हुए एसएसपी ने बताया कि यह एक रोडरेज का मामला है. पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उन्होंने बताया कि इस अपराध में लिप्त तीन लोग अभी भी फरार हैं जिन्हें पुलिस खोजने में लगी है.

एसएसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी, जिसका नाम ऋतुराज है, ने पुलिस को बताया कि 29 नवम्‍बर 2020 के आसपास एलजेपी कार्यालय के पास रोडरेज की घटना हुई थी. उस दिन एयरपोर्ट के रास्‍ते में एक मोड़ पर रूपेश की गाड़ी से इसका एक्‍सीडेंट होते-होते बचा था. इसके बाद रूपेश और आरोपी के बीच में विवाद हुआ था और रूपेश ने उसकी बहुत पिटाई की थी.

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आरोपी ने आगे बताया कि चूंकि उस वक्त उसके पास चोरी की बाइक थी, इसलिए वह चुपचाप रह गया. फिर उसने रूपेश का एयरपोर्ट तक पीछा किया और उनकी गाड़ी का नंबर याद कर लिया.

आरोपी ऋतुराज ने बताया कि उस घटना के तीन-चार दिन बाद फिर उसने रूपेश की गाड़ी देखी. वह तुरंत गाड़ी के पीछे लग गया और उस स्‍थान तक गया जहां तक गाड़ी गई. उसके बाद कई दिनों तक ऋतुराज ने रूपेश की रेकी की. फिर उसने 12 जनवरी को रूपेश की हत्या कर दी.