आमने-सामने बिहार व महाराष्‍ट्र, JDU ने कहा- अपराधियों को बचा रहे उद्धव

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में सीबीआइ जांच की बिहार सरकार की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मान लिया. इसके आधार पर अब सीबीआइ जांच शुरू भी हो गई है. उधर, महाराष्‍ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसका विरोध किया है. इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने मुंबई पुलिस की जांच काे बेहतर बताते हुए आरोप लगाया है कि बिहार और दिल्ली में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ पर्दे के पीछे से बड़ी साजिश चल रही है. राउत के इस बयान पर बिहार के सत्‍ताधारी जनता दल यूनाइटेड ने कड़ा विरोघ दर्ज किया है. जेडीयू प्रवक्‍ता संजय सिंह ने संजय राउत से पूछा है कि महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे सीबीआइ जांच से क्यों घबरा रहे हैं? इस केस में बड़े लोगों की संलिप्तता है और महाराष्ट्र सरकार ऐसे हाई प्रोफाइल अपराधियों को बचाने में जुटी है.

शिवसेना के बयान पर JDU का पलटवार

बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआइ जांच को राजनीतिक साजिश बताते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्‍मंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उन्‍होंने इशारों में कहा कि बिहार व दिल्‍ली में बैठे कुछ लोग कुछ सीबीआइ के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं. राउत ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के माध्‍यम से भी केंद्र और बिहार सरकार पर नियााना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है. उन्‍होंने बिहार के डीजीपी के खिलाफ भी कई आरोप लगाए हैं. सुशांत को लेकर भी उन्‍होंने कहा कि उनके अपने पिता से बेहतर संबंध नहीं थे. शिवसेना नेता के इस बयान पर जेडीयू ने पलटवार किया है.

अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही महाराष्ट्र सरकार

जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने संजय राउत से सवाल किया है कि आखिर उद्धव ठाकरे सीबीआइ जांच से क्यों घबरा रहे हैं? शिवसेना नहीं चाहती है कि इस मामले का रहस्‍य उजागर हो. शिवसेना जानती है कि इसमें महराष्‍ट्र में सत्‍ता के करीबी बड़े लोगों की संलिप्तता है. इस कारण महाराष्ट्र की सरकार अपराधियों को बचाने की कोशिश में छटपटा रही है.

सुशांत की मौत के दो महीने बाद भी कुछ नहीं की मुंबई पुलिस

जेडीयू प्रवक्‍ता ने कहा कि सुशांत की मौत के दो महीने होने जा रहे हैं, लेकिन इस बीच मुंबई पुलिस ने कुछ नहीं किया. सुशांत के पिता ने भी अपनी एफआइआर में लिखा है कि उन्‍हें मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है.

सीबीआइ जांच शुरू होने से पहले महाराष्ट्र की पुलिस ने जांच के लिए मुंबई गई बिहार पुलिस के साथ कैसा गलत व्‍यवहार किया, इसे पूरी दुनिया ने देखा. यहां तक कि जांच के लिए गए आइपीएस अधिकारी को भी कोरोना के बहाने क्‍वारंटाइन कर दिया गया. हालात देखकर सुशांत के पिता ने ही सीबीआइ जांच की मांग रखी. तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश की, जिसे केंद्र सरकार ने मान लिया.

महाराष्‍ट्र सरकार व मुंबई पुलिस पर लगे दाग

संजय सिंह ने कहा कि इस मामले में महाराष्‍ट्र सरकार एवं मुंबई पुलिस पर गहरे दाग लगे हैं.अब सीबीआइ दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. महाराष्‍ट्र सरकार की छटपटाहट इसी बात को लेकर है.