स्वास्थ्य विभाग में बिना कमीशन मिले कोई मशीन नहीं आता है- तेजस्वी यादव

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार में कोरोना कहर के साथ-साथ वार-पलटवार जारी है. वहीं नेता प्रतिपक्ष लगातार राज्य सरकार पर सवाल खड़े कर रहें हैं. तेजस्वी यादव ने एक बार फिर 24 घंटे के भीतर एक लाख कोरोना टेस्ट पर सवाल उठाया है.

तेजस्वी ने कहा कि एंटीजन टेस्ट बढाकर आंकड़े को पेश किया जा रहा है. आरटीपीसीआर टेस्ट की गति आज भी धीमी है. सरकार को इसपर जवाब देना चाहिए. केवल दिखाने के बिहार सरकार ने जांच की स्पीड तेज की है.

तेजस्वी ने मंगल पांडेय को घेरते हुए कहा कि जितने सवाल हमने उठाये हैं. उसका जवाब नहीं मिला है. उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 148 दिन में सिर्फ 2179 RT-PCR टेस्ट ही हुए हैं. सीएम ने कुल 753346 जांच बताया, जिसमें 6100 ही RT-PCR जांच थे. जो कि कुल जांच का 8 प्रतिशत ही हुआ. उन्होंने कहा कि नया प्रधान सचिव बनने के 2 दिन में ही 30 हजार कैसे बढ़ गए.

नेता प्रतिपक्ष ने ये भी कहा कि ICMR कहता है कि एंटीजन टेस्ट प्रामाणिक नहीं है. बावजूद सिर्फ एंटीजन टेस्ट से ही जांच ही क्यों हो रहे हैं. RT-PCR जांच बिहार में क्यों नहीं हो रहा है.

आगे तेजस्वी ने BMCICL चिट्ठी का हवाला देते हुए पूछा कि इतने महत्वपूर्ण मशीन क्यों रद्द किया गया. उन्होंने यह पूछा कि स्वास्थ्य मंत्री बताये क्या विदेश से ज्यादा कमीशन मिल रहा है. कमीशन नहीं मिलने के कारण मशीन नहीं आया. स्वास्थ्य विभाग में बिना कमीशन मिले कोई मशीन नहीं आता है. भारत में एकमात्र बिहार ही ऐसा राज्य हैं, जहां तीन महीने के भीतर 3-3 स्वास्थ्य सचिव को कोरोना काल में बदला गया है. सरकार ने जिस नए अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने जादू की छड़ी चला दी है.

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