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आनंद मोहन के जेल में रहने से नीतीश को लग रहा था बहुत बुरा

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वह आनंद मोहन के समर्थक हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जब आनंद मोहन जेल में सजा काट रहे थे तो उन्हें बहुत बुरा लग रहा था. यह बात शुक्रवार को नीतीश ने सहरसा जिले के पचगछिया में कही.

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के साथ नीतीश कुमार पंचगछिया ग्राम के भगवती प्रांगण में आनंद मोहन के दादा स्व० रामबहादुर सिंह और चाचा स्व० पद्मानंद सिंह ‘ब्रह्मचारी’ की प्रतिमा का अनावरण करने गए थे.

बता दें, राज्य जेल मैनुअल में संशोधन के बाद हाल ही में जेल से रिहा हुए आनंद मोहन 1994 में मुजफ्फरपुर में हुए गोपालगंज डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे.

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कम से कम आधा दर्जन बार कहा कि आनंद मोहन से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा. नीतीश ने आनंद मोहन की मां का आशीर्वाद भी लिया.

नीतीश ने 29 साल पुरानी एक कहानी का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि जब लालू यादव मुख्यमंत्री थे और वह (नीतीश) जनता दल में थे, तो 1994 में हो रहे लोकसभा उपचुनाव में हमारी पार्टी ने मुझसे आनंद मोहन का विरोध करने को कहा. मैं चुपचाप उस बैठक से बाहर आ गया और लवली आनंद का समर्थन किया जिन्होंने उस उपचुनाव में लालू की सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ लड़ा था.”

इस अवसर पर नीतीश कुमार ने आनंद मोहन से कहा, “आपको राजनीति में जो करना है वह करना चाहिए. मुझे बेहद खुशी है कि आपने मुझे उद्घाटन के लिए यहां आमंत्रित किया है. हमारे एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध हैं और आपको (आनंद मोहन) इसे मजबूत बनाए रखना चाहिए. हम आपके समर्थक हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामबहादुर बाबू के पुत्र पद्मानंद सिंह ब्रह्माचारी’ ने भी 1942 ई0 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था. पद्मानंद सिंह का जन्म वर्ष 1921 में और मृत्यु वर्ष 2016 में हुई थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, आनंद मोहन जी से मेरा पारिवारिक संबंध है. इनके घर हम पहले भी आते रहे हैं और इनके माताजी – पिताजी से आशीर्वाद लेते रहे हैं. आज प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम के अवसर पर आकर मुझे खुशी हो रही है.

उन्होंने कहा, “1994 में तत्कालीन सरकार ने उनके (आनंद मोहन) खिलाफ मामला दर्ज किया था और वह जेल गए थे. उस वक्त मैं उनका समर्थन करने के लिए वहां गया था. जब वह (आनंद मोहन) जेल की सज़ा काट रहे थे तो यह हमारे लिए एक अप्रिय बात थी. अब उन्हें जेल से राहत मिल गई है और मैं इससे खुश हूं. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आपको जो भी राजनीति करनी है करें, मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग देश के इतिहास को बदलना चाहते हैं लेकिन हम सबको सचेत रहना है. सभी लोग नयी पीढ़ी को इतिहास के बारे में बताते रहिए और उन्हें महापुरुषों के कार्यों एवं उनके योगदान के बारे में प्रेरित करते रहें. हम आपलोगों की सेवा करते रहेंगे. आपलोगों की समस्या के समाधान के लिए कोशिश करते रहेंगे. देश की आजादी के इतिहास को भुलाइएगा नहीं और सभी लोग मिलकर देश को आगे बढ़ाते रहिए.