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नीतीश ने कहा आर्थिक विकास को गति देने वाला बजट, बीजेपी ने कहा ब्रेक लगाने वाला

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| मंगलवार 28 फरवरी को बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट (Bihar Budget 2023-24 पेश किया गया. राज्य के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 2,61,885 करोड़ रुपये का बजट पेश किया.

बिहार बजट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “यह बजट आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ लोक कल्याणकारी है. उन्होंने कहा कि यह बजट उच्चतर आर्थिक विकास, बेहतर वित्तीय प्रबंधन एवं समाज के हर तबके के सर्वांगीण विकास को गति देगा.”

उन्होंने आगे लिखा कि “यह एक विकासशील बजट है. इस बजट का आकार 2,37,691 करोड रूपये से बढ़कर 2,61,885 करोड़ रूपये हो गया है. मानव विकास के सभी आयामों, स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ-साथ आधारभूत संरचनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. पूर्व से चली आ रही राज्य सरकार की योजनाओं को पूर्ण करने तथा अन्य योजनाओं की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन का जो लक्ष्य रखा गया है इसके लिये इस बजट में राशि की व्यवस्था की गयी है. इस बजट के माध्यम से राज्य के सभी क्षेत्रों, समुदायों एवं सभी वर्गों का विकास संभव हो सकेगा.”

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वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बिहार सरकार द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट बिहार के विकास पर ब्रेक लगाने वाला है. देश जब भी आर्थिक रूप से आगे बढ़ता है तो बिहार में ऐसी सरकार आ जाती है जो पैर पीछे खींचती है.

जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार के पूरे बजट में औद्योगिक नीति के बारे में एक शब्द नहीं है. साथ ही, आज बजट से दस लाख नौकरी शब्द को ही हटा दिया गया.

शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे

उन्होंने कहा, “”बिहार सरकार के बजट में प्रावधान किए गए सभी पदों को भी जोड़ दिया जाए तो 1 लाख नौकरी का भी आकड़ा नहीं पार कर पाएगा. शिक्षकों के बारे में बोला कि केवल अब कैबिनेट में पास होना है. कुछ नही हुआ. आज वो सभी शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.”

जायसवाल ने कहा कि बिहार का बजट दुर्भाग्यपूर्ण है. इसमें उद्योग की कहीं चर्चा नहीं है. बिहार सरकार के पास कोई औद्योगिक नीति ही नहीं है. उन्होंने कहा कि जब पूरा देश उद्योग को बढ़ावा दे रहा है वहीं बिहार के बजट से उद्योग गायब है. इससे लगता है कि सरकार के पास न हीं रोजगार का और न हीं विकास का कोई विजन है.

उन्होंने कहा कि इस बजट में ना ही उद्योग की चर्चा की गई है और ना ही यह बताया गया है कि जिसे हम रोजगार देंगे उसके लिए पैसा कहां से आएगा. इसी कारण इस तरह का बजट बनाकर जनता को भ्रम में डालने की कोशिश कर रहे हैं.