नीतीश कुमार ने आर्थिक पैकेज पर किया विचार-विमर्श

पटना (TBN रिपोर्ट) | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने एवं देश के नागरिकों के हित के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गयी है. इस पैकेज का मकसद सभी राज्यों के लिए आर्थिक मदद देते हुए कोरोना के कारण प्रभावित हुए विभिन्न क्षेत्रों को बढ़ावा देना है . इसको लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में रिफॉर्म करने जा रही है. बिहार सरकार ने काफी पहले हीं ऊर्जा के क्षेत्र में कई पहल और प्रयोग किये हैं. केन्द्र सरकार अब बिहार के इस मॉडल को अपना रही है, यह अच्छी बात है.

अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन प्रणाली के विस्तार पर बल दें.ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के तहत छात्र/छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले.

नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि कक्षावार तैयार किये गये ई-कन्टेंट को टेलीविजन के माध्यम से दिखायें. डी0डी0 बिहार पर कक्षावार दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा के टाइम स्लॉट को बढ़ाने के लिये सीएम ने डी.डी बिहार से समन्वय बनाने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अपने स्तर से भी छात्र/छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा देने को लेकर कार्रवाई करें. साथ हीं क्लास  06 से 12 की तरह कक्षा 1 से 5 के लिए भी ई-कन्टेंट विकसित किया जाए.विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम की किताबों को डिजिटाइज करें तथा उसे वेबसाईट पर उपलब्ध करायें.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योग्य परिवारों का हर हाल में राशन कार्ड बने. सभी राशन कार्डों को आधार से लिंक करना सुनिश्चित करें. इससे लोगों को वन नेशन वन कार्ड योजना का लाभ मिल सकेगा.

सभी प्रखण्डों में आधार केन्द्र को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुये खोला जाय. साथ ही आधार केन्द्रों की स्थाई व्यवस्था की जाय. वर्तमान में 27 जिलों डी.आर.सी.सी से ऑनलाइन आधार केन्द्रों की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. शेष जिलों में भी डी0आर0सी0सी0 में ऑनलाइन आधार केन्द्र की सुविधा उपलब्ध करायें.10-65 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों का अगर आधार कार्ड नहीं है तो उसे शीघ्र बनवाएं. क्वारंटाइन सेंटरों पर रह रहे प्रवासी श्रमिकों का अगर आधार कार्ड नहीं बना है तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुये उनका भी आधार कार्ड बनाये.  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कि श्रमिकों द्वारा अतिरिक्त समयावधि में किये गये कार्यों के एवज में देय पारिश्रमिक के संबंध में श्रम संसाधन विभाग  तत्काल निर्देश जारी करे. शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों के लिये किफायती आवास के तहत सस्ते मकान बनाने को लेकर शहरी विकास एवं आवास विभाग ठोस कार्रवाई करे. सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार में काफी संख्या में स्ट्रीट वेंडर हैं. सभी स्ट्रीट वेंडरों का व्यवस्थित रुप से सर्वे करायें, ताकि कोई छूटे नहीं और उन्हें भी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके.