मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था करे नीतीश सरकार – एजाज अहमद

पटना (TBN रिपोर्ट) | बिहार में लॉकडाउन के दौरान बाहरी राज्यों में फंसे हुए मजदूरों के मुद्दे पर जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने आज अपने आवास पर मजदूर संघर्ष मार्च के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के साथ अपनी एकता का परिचय देते हुए नीतीश सरकार से यह मांग की है कि अविलंब डबल इंजन की सरकार बिना देर किए मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करें.

एजाज अहमद ने कहा कि आज मजदूर सबसे अधिक बदहाली और बेबसी में देखे जा रहे हैं. जबकि कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी अमीरों के द्वारा विदेशों से लाया गया है और इससे गरीबों और मजदूरों को अमानवीय प्रताड़ना तथा आर्थिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है . और हर दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं तथा भुखमरी के कारण काल के गाल में समा रहे हैं ना तो इस ओर केंद्र सरकार गंभीर है और ना ही राज्य सरकार ही गंभीर है.

अहमद ने आगे कहा कि देश के अमीरों और उद्योगपतियों के प्रति जितनी चिंता नरेंद्र मोदी सरकार दिखा रही है अगर उसका कुछ अंश भी गरीबों के हक में और उनको भुखमरी तथा बेबसी से निजात दिलाने के लिए काम किए होते तो शायद आज देश में ऐसी स्थिति सड़कों पर देखने को नहीं मिलती. ऐसा लगता है कि देश में पलायनवादी स्थिति हो गई है, और लोगों का विश्वास सरकार पर से उठ गया है. इस मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा भी जिस तरह से आवाज बुलंद की जानी चाहिए उस तरह से आवाजें बुलंद नहीं की जा रही है, जिस कारण लोग पैदल ही चलकर अपने गांव की ओर हजारों किलोमीटर तक जल्द से जल्द पहुंचना चाह रहे हैं.

इन्होंने अविलंब केंद्र सरकार से गरीबों के हित में कार्य करते हुए सभी मजदूरों और मेहनतकश को उनके घर तक पहुंचाने के लिए सार्थक प्रयास एवं पहल की मांग की है ,अन्यथा जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक पप्पू यादव के नेतृत्व में लाक डाउन के बाद राज्य और देश स्तर पर एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगी .

इस बीच युवा परिषद के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के साथ साथ युवाओं के साथ भी भेदभाव की नीति अपनाए हुए हैं जिस कारण पूरे देश के युवाओं में बेचैनी देखी जा रही है जहां युवा रोजगार के लिए पहले से ही भुखमरी की स्थिति में थे वहां लाक डाउन के बाद उनके लिए एक पल जीना भी दुर्लभ हो गया है केंद्र सरकार अविलंब युवाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करे और आर्थिक पैकेज देने का काम करे.