नीतीश कैबिनेट ने दी जाति जनगणना को हरी झंडी, 500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार में जाति जनगणना (Caste Census in Bihar) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. नीतीश कैबिनेट ने जाति आधारित जनगणना को हरी झंडी दे दी है. इस आशय की सूचना बिहार के मुख्य सचिव अमीर सुभानी (Chief Secretary Amir Subhani) ने दी.

बिहार कैबिनेट की गुरुवार को अहम बैठक हुई, जिसमें बिहार में जाति जनगणना के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया. सबसे खास बात यह है कि राज्य सरकार यह जनगणना अपने खर्चे से कराएगी. केंद्र सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं की जाएगी.

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने बुधवार को राज्य में जाति आधारित जनगणना कराने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इसमें राजद समेत तमाम राजनीतिक दलों के साथ बीजेपी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. सर्वदलीय बैठक में राज्य में जाति जनगणना कराने पर सहमति बनी. इसके बाद 2 जून को बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें जाति जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी (Nitish cabinet gives green signal to caste census) दी गई.

बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में जाति जनगणना को लेकर अहम फैसला लिया गया. नीतीश सरकार ने फैसला किया है कि राज्य सरकार अपने संसाधनों के आधार पर राज्य में जाति आधारित जनगणना कराएगी.

सर्वदलीय बैठक में हुआ था फैसला

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के प्रमुख दलों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी. सीएम नीतीश ने बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना कराने का अनुरोध किया था. बुधवार को पटना में हुई सर्वदलीय बैठक में राज्य में जाति आधारित जनगणना कराने के मामले को सभी दलों ने एकमत से स्वीकार कर लिया. बैठक के बाद सीएम नीतीश ने सभी दलों के नेताओं के साथ मीडिया से भी बातचीत की थी. उन्होंने कहा था कि जाति जनगणना के आंकड़े भी सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि आम लोगों को भी इसकी जानकारी हो.

अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये

बिहार के मुख्य सचिव अमीर सुभानी ने बिहार कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जाति जनगणना कराने पर 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह राशि आकस्मिकता कोष से खर्च की जाएगी, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

जाति आधारित जनगणना का कार्य फरवरी 2023 तक जारी रहने का अनुमान है. मुख्य सचिव ने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग एवं जिलाधिकारी इसके लिए अन्य विभागों के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं ले सकेंगे. जाति जनगणना के तहत आर्थिक स्थिति का भी सर्वेक्षण करने का प्रयास किया जाएगा.

महाराणा प्रताप की जयंती पर बड़ा फैसला

बिहार सरकार में मंत्री नीरज कुमार बबलू ने नीतीश कैबिनेट के फैसलों को लेकर अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पटना में राजकीय समारोह के साथ महाराणा प्रताप की जयंती मनाने का निर्णय लिया गया है. राज्य की राजधानी पटना में महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा भी लगाई जाएगी. जल्द ही मूर्ति लगाने के लिए जगह का चयन किया जाएगा.