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राज्यसभा के लिए नए चेहरों ने बढ़ाई पार्टियों की परेशानी, जारी है मंथन का दौर, जानें किस पर भारी

पटना / नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव का ऐलान (Elections have been announced for 5 seats of Bihar Rajya Sabha) हो गया है. राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 24 मई को जारी होगी और 10 जून को मतदान होगा.

बिहार से राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल जहां चुनाव होना है, 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है. साथ में जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह, राजद की मीसा भारती, भाजपा के गोपाल नारायण सिंह, सतीश चंद्र दुबे और शरद यादव की खाली सीटें भी शामिल हैं. शरद यादव की सदस्यता 4 दिसंबर 2017 से खाली मानी जा रही है.

अब इन पांच सीटों पर चुनाव होंगे. इसके अलावा जदयू के राज्यसभा सांसद राजा महेंद्र के निधन से खाली हुई सीट पर भी चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है. इस एक सीट पर 30 मई को वोटिंग है.

12 मई को चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा की गई है, जिसमें 2-2 सीटें बीजेपी-जेडीयू के लिए और एक सीट राजद कोटे के लिए है. विधानसभा में सदस्यों की संख्या के हिसाब से इस बार जदयू को सिर्फ एक सीट से संतोष करना होगा. वहीं राजद-भाजपा के खाते में 2-2 सीटें मिलने की संभावना है.

राजद की बात करें तो मीसा भारती का एक सीट पर फिर से राज्यसभा जाना तय है क्योंकि वह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी हैं. वहीं दूसरी सीट पर एक और चेहरे को उम्मीदवार बनाया जा सकता है. राजद नेताओं का कहना है कि मीसा भारती का राज्यसभा जाना तय है. राजद नेता शिवचंद्र राम का कहना है कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे कि एक सीट पर मीसा भारती को कौन बनाएगा और दूसरी सीट के लिए पार्टी किसे बनाएगी.

जदयू को इस बार सिर्फ एक सीट से संतोष करना होगा. केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. संभावना है कि उन्हें फिर से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जा सकता है.

ललन गुट और आरसीपी गुट की लड़ाई जगजाहिर

हालांकि जिस तरह से जदयू दो गुटों में बंटा हुआ है, उससे एक धड़ा आरसीपी सिंह को राज्यसभा भेजने में रोड़ा अटका सकता है. ललन सिंह गुट और आरसीपी सिंह गुट के बीच लड़ाई जगजाहिर है. हालांकि सीएम नीतीश कुमार से नजदीकियों का फायदा एक बार फिर आरसीपी सिंह को मिल सकता है. लेकिन आरसीपी सिंह को एक बार फिर राज्यसभा भेजे जाने पर जदयू में सन्नाटा पसरा है. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का कहना है कि पार्टी की ओर से किसे राज्यसभा भेजा जाएगा, यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तय करेंगे.

जदयू के बाद बीजेपी की बात करें तो गोपाल नारायण सिंह और सतीश चंद्र दुबे का कार्यकाल खत्म हो रहा है. बीजेपी नेतृत्व इन दोनों उम्मीदवारों को दोबारा बनाएगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है. हालांकि गोपाल नारायण सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन वे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं.

वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेतृत्व ने अपने मौजूदा सांसद सतीश चंद्र दुबे की सीट जदयू को दी थी. इसके बाद सतीश चंद्र दुबे को डैमेज कंट्रोल में राज्यसभा भेजा गया. अब देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व आगे क्या करता है.

इधर रास सांसद राजा महेंद्र के निधन से खाली हुई सीट पर 30 मई को वोटिंग है. एनडीए गठबंधन में यह सीट जदयू के कोटे में है. हालांकि, नेतृत्व किसे उम्मीदवार बनाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन इस सीट के लिए केसी त्यागी, अफाक आलम समेत कई नेताओं के नामों पर चर्चा हो रही है.