नया कृषि कानून “अन्नदाताओं के लिए नहीं बल्कि फंडदाताओं” के लिए – तेजस्वी

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| किसान आंदोलन के समर्थन में 30 जनवरी 2021 को महागठबंधन ने मानव शृंखला (Human Chain) बनाने का आह्वान किया है. इस मानव शृंखला की तैयारियों का शुक्रवार को राजधानी पटना में राबड़ी देवी के आवास पर महा गठबंधन के नेताओं द्वारा समीक्षा बैठक की गई.

इस समीक्षा बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बताया कि सभी महागठबंधन के नेताओं ने केंद्र के काले कानून के खिलाफ शनिवार को होनेवाली मानव श्रृंखला की तैयारियों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित करने शनिवार को महागठबंधन सड़क पर उतर मानव शृंखला का निर्माण करेगा. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राष्ट्रपति के भाषण का 19 पार्टियों ने बहिष्कार किया.

तेजस्वी ने आगे कहा कि कि केंद्र सरकार देश के किसानों पर नया कृषि कानून थोपना चाहती है. उन्होंने पूछा कि किस मज़बूरी के कारण सरकार ये कानून थोपना चाह रही है.

तेजस्वी ने कहा कि नया कृषि कानून “अन्नदाताओं के लिए नही बल्कि फंडदाताओं” के लिए है. महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ किसानों के पक्ष में खड़ा है. तेजस्वी ने बताया कि आरजेडी की सरकार में अनाज की खरीददारी एमएसपी से ज्यादा दाम पर हुई थी.

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नेता प्रतिपक्ष ने नीतीश कुमार से सवाल करते हुए पूछा कि आखिर वो इस मामले पर चुप क्यों हैं. वह क्यों नहीं बोलते हैं कि काला कानून के खिलाफ किसान सही कर रहे हैं या गलत; ये कानून किसानों के हित में है या नहीं. उन्होंने कहा कि नीतीश जी की मज़बूरियां क्या है. वे क्यों लोकतंत्र का हत्या करने में लगे हैं.

तेजस्वी ने कहा कि शनिवार का मानव श्रृंखला अंत नहीं होगा बल्कि हमारा आंदोलन चलता रहेगा. हमलोग अपने रास्ते से नही भटकेंगे, हमलोग किसानों के साथ रहेंगे.

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तेजस्वी यादव ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर कहा कि 26 जनवरी को लाल किले पर जो हुआ, वो किसने कराया, ये जगजाहिर है.

उन्होंने कहा कि ये किसान विरोधी कानून है करीब 80 प्रतिशत किसानों की आबादी को प्रभावित करेगा. यदि किसान नहीं ये कानून नहीं चाहते हैं तो जबरदस्ती उन पर ये क्यों थोपा जा रहा है ?

तेजस्वी ने पीएम मोदी से पूछा कि आप तो उन किसानों के भी हैं. और जब देश का किसान सड़कों पर आकर कह रहा है कि ये कानून नहीं चाहिए, तो उनपर ये कानून क्यों थोपना चाहते हैं आप ?

बंगाल और असम में होनेवाले चुनाव पर तेजस्वी ने कहा कि अगले दो-चार दिनों में इस पर निर्णय लिया जाएगा कि वहां चुनाव लड़ना है या नहीं. यदि लड़ने का निर्णय होगा तो जाहिर है कि टीएमसी, लेफ्ट या कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेंगे.

शिक्षकों की बहाली नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि शायद आरसीपी टैक्स वाली लिस्ट तैयार हो रही है इसलिए शिक्षकों की बहाली में देर की जा रही है. हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी बहाली में देरी की जा रही है. ऐसे में कईयों का भविष्य खराब हो रहा है. आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा.

रूपेश हत्या कांड पर बोलते हुए तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में लॉ एण्ड ऑर्डर दिन-प्रतिदिन खराब हो रहा है. उन्होंने कहा कि सच बोलने को रोकने के लिए सोशल मीडिया के खिलाफ कानून लाया जा रहा है ताकि आप जुबान पर ताला लगा लें. नीतीश पर लोगों को ब्लैकमेल करने का आरोप लगते हुए तेजस्वी ने कहा कि सरकार लोगों को भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ बोलने पर प्रतिबंध लगा रही है.