एनडीए सरकार 19 लाख रोजगार का अपना वादा पूरा करे, नहीं तो…. – तेजस्वी

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| सोमवार को नवगठित बिहार विधान सभा में विधायक के रूप में शपथ लेने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को याद दिलाया कि उसने अपने घोषणा पत्र में राज्य की जनता को पहले महीने में 19 लाख नौकरियां देने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि बिहार देश की बेरोजगारी की राजधानी बन गया है. जनता अब और इंतजार नहीं कर सकती. तेजस्वी यादव ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वे पहले महीने में 19 लाख नौकरियां नहीं दे पाते हैं, तो हम राज्य भर में जनता के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.

उन्होंने कहा, “रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई जैसे हमारे मुद्दों पर एक करोड़ 56 लाख मतदाताओं ने भरोसा किया है. हम उनके विश्वास को टूटने नहीं देंगे. कठिन संघर्ष जारी रहेगा.”

विधानसभा में ‘तीसरी सबसे बड़ी पार्टी’ का नेता होने के बावजूद पद संभालने के लिए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया. राजद नेता ने कहा, “लोगों ने इस बार बदलाव के लिए मतदान किया और अपना फैसला दिया. फिर भी, सभी को बधाई. यह पहली बार सुना जा रहा है कि तीसरी सबसे बड़ी पार्टी का नेता मुख्यमंत्री बन गया है.”

आगे उन्होंने नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार का ‘भीष्म-पितामह’ कहा और आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री भ्रष्ट नेताओं को शरण दे रहे हैं. नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के ‘भीष्म-पितामह’ हैं. इस बार भी उन्होंने चोर दरवाजे से सरकार बनाई.

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने शिक्षा मंत्रालय का महत्वपूर्ण प्रभार मेवालाल चौधरी को दिया जो कुख्यात नियुक्ति घोटाले में शामिल थे और उसके बाद यह प्रभार अशोक चौधरी को दिया गया जिनके रिश्तेदार घोटालों में शामिल हैं. उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति के संबंध में एक प्रमाण पत्र जारी करना चाहिए.

तेजस्वी ने दी चुनौती

पिछली सरकार में उप-मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने के लिए तेजस्वी ने नीतीश सरकार को चुनौती दी. तेजस्वी ने कहा, “विपक्ष के नेता के रूप में कार्यभार संभालने से पहले ही वे मेरे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. मैं उन्हें उप-मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के एक भी आरोप को साबित करने की चुनौती देता हूं”.

बता दें कि कथित तौर पर एनडीए नेताओं ने तेजस्वी यादव को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के चल रहे मामलों के आधार पर विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा देने की मांग की है.