मुकेश सहनी असहज, उनके ही एमएलए ने कर दिया विरोध

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| सोमवार को अपने पार्टी अध्यक्ष द्वारा एनडीए की बैठक का बहिष्कार करने के बाद मंगलवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के विधायक राजू कुमार सिंह ने पार्टी अध्यक्ष का विरोध कर दिया. उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी में को-ऑर्डिनेशन की कमी है.

राजू सिंह के इस बयान के बाद वीआईपी के पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी खुद असहज महसूस कर रहे हैं. एनडीए की बैठक के बहिष्कार का उनकी ही पार्टी में विरोध शुरू हो गया है. राजू सिंह ने मुकेश सहनी के सोमवार वाले फैसले पर सवाल पैदा कर दिए हैं.

बता दें कि सोमवार को एनडीए की बैठक का बॉयकॉट करने के बाद मंत्री मुकेश सहनी ने काफी खरी खोटी सुनाई थी. मुकेश सहनी ने कहा था कि एनडीए में विधायकों और मंत्रियों की बात नहीं सुनी जाती है. साथ ही उन्होंने कहा था कि वे एनडीए का हिस्सा हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा हक है.

इधर पार्टी के विधायक राजू सिंह ने मंगलवार को अपने पार्टी अध्यक्ष के इस फैसले को गलत बताया. उन्होंने कहा कि एनडीए की बैठक का बहिष्कार करने का फैसला लेने से पहले पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी ने अपने विधायकों के साथ कोई चर्चा नहीं की.

बिहार विधान मण्डल परिसर में मीडिया से बात करते हुए राजू सिंह ने कहा कि बैठक का बहिष्कार करना पार्टी अध्यक्ष का व्यक्तिगत फैसला था. उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वीआई पार्टी में को-ऑर्डिनेशन की कमी है.

बैठक में होना चाहिए था शामिलः राजू

मुकेश सहनी की ओर से सोमवार को एनडीए की बैठक के बहिष्कार को लेकर राजू सिंह ने कहा कि यह निर्णय कहीं से उचित नहीं था. उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल होकर ही उचित प्लेटफॉर्म पर अपनी बातों को रखा जा सकता है.

विधायक ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि मैं हमेशा अपने क्षेत्र में लगा रहता हूं. इस कारण क्षेत्र के लोगों के लिए एनडीए की बैठक में पार्टी कि तरफ से अध्यक्ष को शामिल होने की जरूरत थी.

अपने पार्टी अध्यक्ष मुकेश सहनी के फैसले के इतर राजू सिंह ने कहा कि उन्हें एनडीए से कोई समस्या नहीं है.

बताते चलें कि सोमवार को वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा था कि सन ऑफ मल्लाह की धमक उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रही है. प्रदेश को सन ऑफ मल्लाह से डर लगता है. वहां 5000 पुलिसकर्मी लगाए गए. मेरा डर दिखा यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. नरेंद्र मोदी जी का विश्वास है कि सबका साथ सबका विकास हो. योगी जी को समझने की जरूरत है. योगी जी ही बताएंगे कि आखिर उन्होंने क्यों हमें आजादी नहीं दी.